चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय ने द्रमुक नेता एम करुणानिधि को दफनाने के लिए मरीना बीच पर स्थान देने की मांग करने वाली पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मरीना बीच पर दफनाने को चुनौती देने वाली सभी लंबित याचिकाएं खारिज कर दीं.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एच जी रमेश और न्यायमूर्ति एस एस सुंदर की प्रथम पीठ ने सुबह दोबारा सुनवाई शुरू करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ट्रैफिक रामस्वामी की याचिका समेत सभी याचिकाएं खारिज कर दीं. Also Read - चुनाव आयोग ने अदालत को बताया, आधार से वोटर आईडी को जोड़ने में कोई दिक्कत नहीं

मंगलवार की देर रात विशेष सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई सुबह आठ बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी. तमिलनाडु सरकार ने लंबित मामलों का हवाला देते हुए मरीना बीच पर दफनाने का स्थान आवंटित करने में असमर्थता जताई जिसके कुछ घंटों बाद द्रमुक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. Also Read - Madras HC grants a 4 week stay on central govt notification on cattle slaughter | बूचड़खानों के लिए पशुओं की खरीद-बिक्री बैन के मोदी सरकार के फैसले पर मद्रास हाईकोर्ट की रोक

द्रमुक ने दलील दी कि बीच पर पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई के स्मारक के भीतर स्थान आवंटित करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है. सुनवाई के दौरान मरीना पर पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को दफनाने तथा उनका स्मारक बनाने के खिलाफ अदालत पहुंचने वाले दो याचिकाकर्ताओं ने अपनी अर्जियां वापस ले ली.