नई दिल्लीः अभी तक हम लोग काशी विश्वनाथ के प्रसिद्ध मंदिर में बिना किसी रोक-टोक के किसी भी कपड़े को पहन कर जाते थे और भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर काशी विश्वनाथ पर भी ड्रेस कोड लागू होने वाला है और उसी ड्रेस कोड में ही दर्शन करने करना पड़ेगा.

नए नियम के मुताबिक अब कोई भी श्रद्धालु चाहे वह पुरुष हो या फिर महिला जींस, पैंट, टाप और सूट में स्पर्श दर्शन नहीं कर सकेंगीं. नई व्यवस्था के अनुसार अगर कोई व्यक्ति ड्रेस कोड के अलावा मंदिर में प्रवेश करता है तो वह दूर से भगवान के दर्शन कर सकेगा, लेकिन शिवलिंग को छूने की अनुमित नहीं होगी.

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काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन करने वाली महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होगा जबकि पुरुषों के लिए धोती कुर्ता विशेष ड्रेस कोड होगा. आपको बता दें कि रविवार की रात को हुई काशी विद्वत परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया.

इस बैठक में एक और खास निर्णय लिया गया है. जानकारी के अनुसार ड्रेस कोड निर्धारण के साथ साथ अब स्पर्श दर्शन का समय सीमा भी बढ़ाई गई है. मंदिर में यह दोनों नई व्यवस्था मकर संक्रांति के बाद लागू कर दी जाएगी. आपको बता दें कि देश के बहुत से पुराने धार्मिक स्थानों में श्रद्धालुओं को एक खास विशेष परिधान में ही दर्शन करने होते हैं और अब इस कड़ी में विश्व का महान प्राचीनतम मंदिर काशी विश्वनाथ भी शामिल हो गया है.