नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में रजमान के पवित्र महीने में सुरक्षा बलों द्वारा कोई अभियान नहीं चलाने के फैसले पर पहुंचने से पहले सेना की चिंताओं का निदान किया गया है. सरकार के सूत्रों ने बताया कि पुख्ता जानकारी के आधार पर ‘सीमित अभियान’ जारी रहेंगे. Also Read - रमजान के महीने में जम्‍मू कश्‍मीर में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन पर केंद्र की रोक

रमजान के महीने में जम्‍मू कश्‍मीर में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन पर केंद्र की रोक

सूत्रों ने बताया कि सेना को किसी भी हमले का जवाब देने का अधिकार दिया गया है. गृह मंत्रालय ने कहा है कि अगर हमला होता है या बेगुनाह लोगों की जिंदगियों को बचाने के लिए जरूरी होता है तो सुरक्षा बलों के पास जवाब देने का अधिकार है. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि रमजान में कोई भी अभियान शुरू नहीं करने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि अमन पसंद मुसलमान शांतिपूर्ण माहौल में रमजान मना सकें. जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने केंद्र के निर्णय का स्वागत किया है. केंद्र का यह कदम वैसा ही है जैसा 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपायी की अगुवाई वाली राजग की प्रथम सरकार ने रमजान के दौरान नॉन इंटिशिएशन ऑफ कॉम्बैट ऑपरेशंस ( एनआईसीओ ) का ऐलान किया था. (इनपुट एजेंसी)