
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ टेक और Off-Beat से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते ... और पढ़ें
J&K News: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया. शनिवार को श्रीनगर-बारामूला हाईवे पर उत्तरी कश्मीर के सोपोर इलाके में एक संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया. बाद में जांच में यह वस्तु इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED निकली. यह हाईवे आम लोगों और सुरक्षा बलों के लिए बेहद अहम माना जाता है. अगर समय रहते इस विस्फोटक को नहीं पकड़ा जाता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था. घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई.
शनिवार को सोपोर के हाइगाम इलाके के पास सड़क किनारे एक संदिग्ध चीज देखी गई. स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी. सूचना मिलते ही सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. सुरक्षाबलों ने बिना देरी किए इलाके को चारों तरफ से घेर लिया. एहतियात के तौर पर श्रीनगर-बारामूला हाईवे के दोनों ओर से ट्रैफिक रोक दिया गया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके.
सुरक्षा कारणों से हाईवे पर चल रहे वाहनों को तुरंत रोक दिया गया और ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया. इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी हुई, लेकिन सभी ने सुरक्षा बलों के फैसले का समर्थन किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लोगों की जान बचाने के लिए यह कदम जरूरी था. पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया और आम लोगों को मौके से दूर रहने की सलाह दी गई. सुरक्षा बलों की सतर्कता से स्थिति को काबू में रखा गया.
मौके पर बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) को बुलाया गया. BDS टीम ने IED को अपने कब्जे में लेकर उसकी गहन जांच की. जांच पूरी होने के बाद विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. इस दौरान इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा, लेकिन सुरक्षाबलों ने पूरी स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा. पुलिस अधिकारी ने बताया कि IED को किसने और किस मकसद से यहां रखा, इसकी जांच की जा रही है और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED एक तरह का देसी बम होता है, जिसे सामान्य और आसानी से मिलने वाली चीजों से तैयार किया जाता है. इसे किसी तय फैक्ट्री में नहीं बनाया जाता, बल्कि गैर-पारंपरिक तरीकों से तैयार किया जाता है. आतंकवादी अक्सर IED का इस्तेमाल लोगों, सुरक्षा बलों या बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए करते हैं. समय रहते IED का पता चलना एक बड़ी कामयाबी मानी जाती है, जिससे कई बेगुनाह जानें बच सकती हैं.
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