श्रीनगर, 2 नवंबर –  कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की प्रस्तावित ‘श्रीनगर मिलियन मार्च’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली एक ही दिन सात नवंबर को है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त बड़ी चुनौती बन गई है। गिलानी ने लोगों को बड़ी संख्या में ‘श्रीनगर मिलयन मार्च’ में शामिल होने को कहा है। मीरवाइज उमर फारूक, मुहम्मद यासीन मलिक, आसिया अंद्राबी और अन्य अलगाववादी नेताओं ने गिलानी के आह्वान का समर्थन किया है। यह भी पढ़ें- नरेन्द्र मोदी ने विवादित बयान देने वाले नेताओं से जताई नाराजगीAlso Read - Jammu and Kashmir: कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित, गैर स्थानीय नागरिकों की हत्याओं....

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पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्र कुमार ने रविवार को मोदी के रैली स्थल पर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया था।  खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में सुरक्षा का जिम्मा संभालने के लिए विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की एक टीम सोमवार को आ रही है।” सैकड़ों पुलिसकर्मी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान, राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां प्रधानमंत्री की रैली के सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। Also Read - Terrorism in Kashmir: कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं के खिलाफ अमेरिका में प्रदर्शन, जमकर लगे नारे

राज्य में एक मार्च को पीपुल्स डेमोकट्रिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से घाटी में प्रधानमंत्री की यह पहली रैली है।  एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “रैली में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दर्जनों सीसीटीवी कैमरे, खोजी कुत्ते व मोबाइल निगरानी बंकरों का इंतजाम किया गया है।”

मोदी की रैली में अलगाववादी नेताओं को व्यवधान उत्पन्न करने से रोकने के लिए प्रशासन ने 30 अलगाववादी नेताओं और कार्यकर्ताओं को घर में नजरबंद कर दिया है। गिलानी जहां मुख्य शहर से दूर हैदरपुरा के अपने घर में नजरबंद हैं, वहीं यासीन मलिक, शबीर अहमद शाह, मुहम्मद नयीम खान, शौकत अहमद बख्शी और अन्य को भी घर में नजरबंद किया गया है।

हालिया दिनों में कश्मीर घाटी में विभिन्न स्थानों का दौरा कर रहे मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने लोगों से मोदी की रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।  सईद ने कहा कि प्रधानमंत्री का सात नवंबर को दौरा राज्य में ऐतिहासिक बदलाव लाएगा।  कश्मीर में दल के मामलों के प्रभारी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने रैली में लोगों की शिरकत सुनिश्चित करने के लिए दो दिन पहले मुख्यमंत्री और दल के नेताओं से मुलाकात की। राज्य सरकार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री राज्य के लिए 90,000 करोड़ रुपये के एक संपूर्ण समावेशी आर्थिक पैकेज की घोषणा करेंगे।