राज्यसभा में बुधवार को कश्मीर में जारी हिंसा पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस संवेदनशील मुद्दे पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन से गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए। आजाद ने बहस शुरू करते हुए कहा, “भारत का ताज (कश्मीर) धधक रहा है। आपने भी दिल में न सही, दिमाग में जरूर इसकी तपिश महसूस की होगी।”

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हिजबल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के लगभग एक माह बाद राज्यसभा में इस पर चर्चा हो रही है।
सदन में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मौजूद नहीं थे। एक दिन पहले मंगलवार को उन्होंने मध्य प्रदेश में एक रैली को संबोधित करते हुए घाटी में शांति की अपील की थी।

आजाद ने सवाल किया, “प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश से कश्मीर को संबोधित क्यों कर रहे हैं? सदन से क्यों नहीं? क्या संसद का कोई महत्व नहीं है?”

उन्होंने कहा, “केवल कश्मीर के सौंदर्य से ही प्यार न करें। उनसे भी प्यार करें, जो नेत्रहीन हो गए हैं, घायल हुए हैं और मारे गए हैं।”

घाटी में पिछले एक माह से अधिक समय से जारी हिंसा व तनाव के दौरान अब तक 55 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों घायल हुए हैं। घायलों में सैकड़ों लोगों की आंखों की रोशनी आंशिक रूप से या पूरी तरह चली गई है।