जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एस. ए. आर. गिलानी की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को अलगाववादियों द्वारा बुलाए गए सामान्य बंद से घाटी में जनजीवन प्रभावित है। घाटी और यहां के अन्य कस्बों और शहरों में दुकानें, सार्वजनिक परिवहन और अन्य व्यवसाय बंद हैं। अंतर-जिला परिवहन भी बंद है।यहाँ भी पढ़े:कश्मीर में हमले के शिकार संस्थान ने सुरक्षा लेने से किया था इनकारAlso Read - IND vs NZ, T20 World Cup 2021: Sunil Gavaskar की सलाह, न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के लिए इन 2 खिलाड़ियों को करना होगा बाहर

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अलगाववादियों ने जेएनयू के छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए बंद का आह्वाहन किया है।जेएनयू के कुछ छात्रों को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की याद में विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया। नौ फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में कई छात्रों ने देश विरोधी नारे लगाए थे। अफजल को वर्ष 2013 में फांसी दी गई थी।इसके साथ ही गिलानी को राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।श्रीनगर और अन्य जिलों में बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन की अनुपलब्धता के चलते बैंकों, डाकघरों और सरकारी कार्यालयों में लोगों की उपस्थिती भी कम है। Also Read - COVID-19 Restrictions in India: भारत सरकार ने COVID-19 प्रतिबंधों को 30 नवंबर तक बढ़ाया, जारी रहेंगे पाबंदियां

कश्मीर विश्वविद्यालय में शनिवार को स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा रद्द कर दी गई।कानून और व्यवस्था की स्थिति की वजह से रेलवे अधिकारियों ने उत्तरी कश्मीर बारामुला कस्बे और जम्मू क्षेत्र के बनिहाल कस्बे के बीच सभी सेवाओं को बंद कर दिया है।श्रीनगर के संवेदनशील इलाकों और अन्य कस्बों तथा शहरों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।अधिकारियों ने श्रीनगर में जनता और वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।