दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में कर्फ्यू का उल्लंघन कर मार्च निकालने की कोशिश कर रहे अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक को सुरक्षा कारणो से हिरासत में ले लिया गया है। गिलानी को उनके हैदरपोरा स्थित आवास से हिरासत में लिया गया।Also Read - कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को लाया गया तिहाड़ जेल, NIA करेगी पूछताछ

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उन्होंने कर्फ्यू के बावजूद भी मार्च निकालने की कोशिश की थी, जिसके बाद उनके घर के बाहर तैनात पुलिस ने उन्हें बुलेट प्रूफ वाहन में बिठा लिया और हुमहामा पुलिस स्टेशन ले गए। मीरवाइज को भी उनके घर के नजदीक से ही हिरासत में लिया गया है। यह भी पढ़ें: कश्मीर हिंसा: अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया, कहा अपने गिरेबां में झांके, ये भारत का अपना मामला है। Also Read - कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद फैलाने वाले यासीन मलिक के संगठन JKLF पर सरकार ने लगाया बैन

फोटो क्रेडिट-patriotsforum.org

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उन्हें प्रतिबंधों को धता बताते हुए अनंतनाग की ओर मार्च निकालने के प्रयास में हिरासत में लिया गया। शब्बीर शाह सहित अन्य अलगाववादी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है।

जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के यासीन मलिक को घाटी में आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने पर भड़की हिंसा के बाद से ही थाने में बंद रखा गया है। कश्मीर हिंसा पर गुलाम नबी आज़ाद ने कहा मैं किसी को दोषी नहीं ठहरा रहा हूं

सरकार ने सोमवार को अलगाववादियों की ओर से आहूत अनंतनाग मार्च के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी थी। पुलिस के अनुसार, अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा जिलों में कर्फ्यू जारी रहेगा, जबकि श्रीनगर, कुपवाड़ा, सोपोर तथा बारामूला के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंध जारी रहेंगे।

अलगाववादियों ने 29 जुलाई तक बंद का आह्वान किया है। इस बीच, हिंसा के दौरान घायल एक अन्य युवक समीर अहमद वानी की रविवार शाम मौत हो गई, जिसके बाद हिंसक प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है।

घाटी के स्कूलों एवं कॉलेजों में ग्रीष्मावकाश रविवार को समाप्त हो गया। राज्य के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने छुट्टियां खत्म होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “घाटी में अब यह विभिन्न जिला प्रशासनों पर निर्भर है कि वे अपने क्षेत्रों में किन संस्थानों को खुलने की अनुमति देते हैं।”

घाटी में हालांकि प्रतिबंध और अलगाववादियों के बंद के आह्वान के कारण सोमवार को अधिकांश शैक्षणिक संस्थान नहीं खुले।

News Source: IANS