श्रीनगर, 15 अप्रैल | हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप संविधान के अनुच्छेद 370 के साथ धोखाधड़ी का प्रयास है, जो जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करता है। उन्होंने इस टाउनशिप की योजना को हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का गुप्त एजेंडा करार दिया।

मीरवाइज ने कहा, “अपने पंडित भाइयों की वापसी का हम स्वागत करेंगे। उनकी सम्मानजनक वापसी के अनुकूल माहौल बनाने में हम उनकी मदद करेंगे, लेकिन धार्मिक आधार पर कश्मीर को बंटने की मंजूरी नहीं देंगे।” उन्होंने कहा, “हम पंडितों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे और इस मुद्दे पर उनकी राय मांगेंगे।” उन्होंने कहा कि आरएसएस तथा इसके जैसे समूह कश्मीर में ध्रुवीकरण करना चाहते हैं।  यह भी पढ़ें– हिरासत में लिए गए यासीन मलिक, मसरत आलम

मीरवाइज ने कहा, “वे (आरएसएस) इस तरह का माहौल बनाना चाहते हैं, मानो कश्मीर मुद्दा हिंदुओं तथा मुस्लिमों के बीच समस्याओं का मुद्दा है, जबकि ऐसा कुछ है नहीं।” उन्होंने कहा, “कई लोग कहते हैं कि पंडितों के लिए समग्र टाउनशिप मामले में अनुच्छेद 370 को सामने नहीं लाना चाहिए और उन्हें सुविधा प्रदान करने के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र के लोगों को लगाना चाहिए। यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसे हम सफल नहीं होने देंगे।”

उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा आरएसएस समर्थित लगभग 150 तथाकथित उलेमा कश्मीर के मुस्लिमों को विभाजित करने व राज्य की इस्लामी खासियत को खत्म करने के काम में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।” मीरवाइज ने त्राल में एक युवक की हत्या की निंदा की और घटना को शर्मनाक करार दिया।  पुलिस ने मंगलवार को कहा था कि युवक त्राल के कमला टॉप जंगल में दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में मारा गया।