जम्मू. जम्मू कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार में एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि कश्मीरी पंडित असुरक्षा और भय के माहौल के चलते घाटी में अपने घर..बार छोड़ने को बाध्य हुए. 

जरदारी का दावा, कश्मीर मसला सुलझाने को तैयार थे राजीव और बेनजीर

जरदारी का दावा, कश्मीर मसला सुलझाने को तैयार थे राजीव और बेनजीर

Also Read - Reservation for Kashmiri Pandits: AICTE का बड़ा फैसला, कश्मीरी पंडित या घाटी के हिंदू परिवारों को कॉलेज एडमिशन में मिलेगा आरक्षण 

Also Read - कश्‍मीर में सरपंच की हत्‍या: US में कश्मीरी पंडितों के संगठन ने कहा- हिंदुओं का नस्ली सफाया जारी

आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण मंत्री जावेद मुस्तफा मीर ने विधानपरिषद में कहा, ‘मैं अपने दिल की गहरायी से यह बात कहना चाहता हूं और सदन में यह रिकॉर्ड में रखना चाहता हूं कि वे (कश्मीरी पंडित) (भय और असुरक्षा) की एक स्थिति के चलते जाने को मजबूर हुए.’ Also Read - घाटी में पर्याप्त सुरक्षा के साथ कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: अमित शाह

मीर बीजेपी के विधानपरिषद सदस्य गिरधारी लाल रैना की ओर से पेश नोटिस पर चर्चा का समापन कर रहे थे.

मीर ने कहा, ‘कश्मीरी पंडित भागे नहीं. कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने अपने घर छोड़ दिये. मैं इस मुद्दे को स्पष्ट करना चाहता हूं और इसे विराम देना चाहता हूं.’