नई दिल्ली: मोदी सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य में इंटरनेट सेवा आज भी पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है. इसके चलते कश्मीरी युवकों के व्हाट्सएप अकाउंट अपने आप ही डिलीट हो रहे हैं. वहीं जो कश्मीरी युवा किसी व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं वे चाहे राज्य के हों या बाहर, वे भी व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर होते जा रहे हैं. इसके चलते व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य हैरान हैं. ऐसे में फेसबुक ने पूरे घटनाक्रम पर स्‍पष्‍टीकरण दिया है.

 

फेसबुक के एक प्रवक्ता ने बताया कि व्हाट्सएप पर जो अकाउंट 120 दिन तक एक्‍टिव नहीं रहता है उसे उस समय के बाद डिएक्‍टिवेट कर दिया जाता है. व्हाट्सएप उन अकाउंट्स को डिलीट कर देता है. सुरक्षा बनाए रखने और डेटा रिटेंशन को सीमित करने के लिए, व्हाट्सएप अकाउंट 120 दिनों की निष्क्रियता के बाद समाप्त हो जाते हैं. इसके बाद जिन ग्रुप में ये अकाउंट होता तो वहां से अपने आप ही बाहर हो जाता है.


WhatsApp के 340 मिलियन से ज्यादा यूजर्स
बता दें कि भारत में WhatsApp बहुत महत्वपूर्ण है. यह फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप का सबसे बड़ा बाज़ार है, जिसके लगभग 340 मिलियन उपयोगकर्ता हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुमान के अनुसार, भारत के लगभग एक प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता कश्मीर में रहते हैं, जिसका अर्थ है कि लाखों के अकाउंट निष्क्रिय हो सकते हें.

लोग स्क्रीन शॉट कर रहे शेयर
कई लोग कश्मीरी युवाओं के ग्रुप छोड़ने का स्क्रीन शॉट लेकर उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि कैसे कई नंबर एक के बाद एक ग्रुप से लेफ्ट हुए.