श्रीनगर. जम्मू कश्मीर सरकार ने कठुआ में आठ साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या मामले में बचाव पक्ष के वकील रहे असीम साहनी को राज्य के अतिरिक्त महा अधिवक्ता के तौर पर नियुक्त किया है. इस कदम की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने आलोचना की है. मंगलवार को जारी एक आदेश में, राज्य सरकार ने 31 वकीलों को अतिरिक्त महा अधिवक्ता, उप महा अधिवक्ता और सरकारी वकील नियुक्त किया है. इनमें उच्च न्यायालय की कश्मीर इकाई में 15 और जम्मू इकाई में 16 वकीलों को नियुक्त किया गया है.

जम्मू इकाई के लिए नियुक्त 16 विधि अधिकारियों में असीम साहनी का नाम शुमार है जो कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची की रेप के बाद हत्या मामले में बचाव पक्ष के वकीलों में से एक हैं. साहनी को अतिरिक्त महा अधिवक्ता नियुक्त किया गया है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसे न्याय की भावना का “चौंकाने वाला उल्लंघन” बताया है और आरोप लगाया कि यह ‘रेप की संस्कृति’ को बढ़ावा देगा.

नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह फैसला समझ से परे है और चिंताजनक है. महबूबा ने टि्वटर पर लिखा, ‘‘यह विडम्बना है कि अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस मनाने के एक दिन बाद, कठुआ में रेप के बाद हत्या के बर्बर मामले में बचाव पक्ष के वकील को अतिरिक्त महाअधिवक्ता नियुक्त किया गया है.’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘‘कथित हत्यारों और बलात्कारियों को बचाने वाले लोगों को पुरस्कृत करना वीभत्स है और न्याय की भावना का चौकाने वाला उल्लंघन है. ऐसा कदम केवल हमारे समाज में रेप की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का काम करेगा. उम्मीद है कि राज्यपाल दखल देंगे.’’

मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने ट्वीट किया , ‘‘ यह फैसला समझ से बाहर और चिंताजनक है. अगर पीड़िता की वकील घटनाक्रम से चिंतित नहीं हैं तो हमें पीड़िता के लिए न्याय सुनिश्चित करने का काम करने देना चाहिए. ’’