नई दिल्ली. यूपी के उन्नाव और जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए गैंगरेप के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को मिडनाइट कैंडल मार्च निकाला. इस मार्च में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे. साल 2012 में हुए निर्भया केस में पीड़िता के मां-पापा इस कैंडल मार्च में राहुल के साथ शामिल हुए.Also Read - राहुल गांधी ने ली कोविड रोधी टीके की पहली खुराक, अप्रैल में हो गए थे संक्रमित

मार्च के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मान सिंह रोड पर इकट्ठा होने को कहा गया था. वहीं दूसरी तरफ इंडिया के फर्स्ट सर्किल के पास आम भीड़ ही जुट गई थी. रात 11 बजे से ही मान सिंह रोड और इंडिया गेट के सामने वाली सर्किल में लोग जुटने शुरू हो गए थे. इस बीच राहुल गांधी भी इस मार्च में शामिल होने के लिए वहां पहुंच गए. उनके साथ प्रियंका गांधी और उनके पति राबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे. Also Read - प्रशांत किशोर कांग्रेस पार्टी में हो सकते हैं शामिल, अखिर क्यों राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से मांगी राय!

राहुल ने नारा लगाने से लोगों को रोका
राहुल कैंडल मार्च के लिए निकले तो उन्हें लोगों ने घेर लिया. इस दौरान राहुल गांधी जिंदाबाद और नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद का नारा लगाने पर राहुल ने लोगों को डांटा और बोला कि यहां हम सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकालने आए हैं. इस दौरान कुछ लोगों ने राहुल के साथ धक्कामुक्की भी की. Also Read - ममता बनर्जी ने कहा- अब 'पूरे देश में खेला होना है', 2024 आम चुनाव PM मोदी बनाम देश होगा

राहुल ने ये कहा
राहुल ने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है. मोदी सरकार उन्हें बचाने का काम करें. हम संदेश देना चाहते हैं कि इस मार्च को राजनैतिक न समझें. यह आमजन का मार्च है. इस दौरान राहुल के साथ कांग्रेस के नेता अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह, अहमद पटेल, राजीव शुक्ला, गुलाम नबी आजाद और सलमान खुर्शीद भी मौजूद रहे.