पठानकोट: जम्मू के बहुचर्चित कठुआ रेप कांड की आठ साल की रेत पीड़ित बच्ची के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कोर्ट को बताया है कि लड़की का यौन उत्पीड़न हुआ था और उसकी मौत दम घुटने से हुई. लड़की के बर्बर रेप और हत्या मामले की सुनवाई में अब तक करीब 54 गवाह अदालत के सामने गवाही दे चुके हैं. जनवरी में जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के एक गांव में लड़की की से बार बार यौन उत्पीड़न के बाद हत्या कर दी गई थी.

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पठानकोट जिला एवं सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं. दरअसल, पीड़ित के परिवार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह मामला स्थानान्तरित किया गया है. जिला एवं सत्र अदालत ने 8 जून को इस मामले के सात आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और हत्या के आरोप तय किए थे.

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विशेष लोक अभियोजक जे के चोपड़ा ने कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने हाल में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराया. जम्मू कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा का प्रतिनिधित्व करने वाले चोपड़ा के अनुसार, डॉक्टरों ने कहा कि पीड़ित का यौन उत्पीड़न हुआ था और उन्होंने उसकी मौत के लिए दम घुटने को कारण बताया.

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अपराध शाखा ने इससे पहले मंदिर के संरक्षक सांजी राम, उसके बेटे विशाल और उसके किशोर रिश्तेदार, दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजूरिया उर्फ दीपू और सुरेंद्र वर्मा एवं मित्र प्रवेश कुमार उर्फ मन्नू को गिरफ्तार किया था. 9 अप्रैल को पहले आरोपपत्र में सभी को नामजद किया गया था. अपराध शाखा ने 30 जुलाई को पूरक आरोपपत्र सौंपा था. चोपड़ा ने कहा कि डॉक्टरों के बयान ने अभियोजन के मामले को और मजबूत कर दिया है.

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