Kathua rape-murder case-verdict: जम्मू कश्मीर के कठुआ में बंजारा समुदाय की आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में यहां एक विशेष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया. पठानकोट की अदालत ने इस मामले में मास्टरमाइंड सांझी राम समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया. वहीं एक आरोपी विशाल को बरी कर दिया गया है. इनमें तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. इन पुलिसकर्मियों में दो एसपीओ और एक हेड कॉन्स्टेबल शामिल है. अदालत में इस मामले की पूरी सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है. जिन आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, उनमें सांझी राम, दीपक खजूरिया, परवेश, आनंद दत्ता, तिलक राज और सुरेंद्र शामिल है. एक अन्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को अदालत ने बरी कर दिया है.

इससे पहले, सोमवार की सुबह से ही पठानकोट कोर्ट में इस मामले के फैसले को लेकर सुरक्षा चुस्त कर दी गई थी. मामले के आरोपियों को पठानकोट स्थित विशेष अदालत में सुबह 9 बजे के आसपास लाया गया. इस दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए थे. अदालत के फैसले के बाद पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल के जवानों को लगाया गया है.

आपको बता दें कि देश को स्तब्ध कर देने वाले इस मामले में बंद कमरे में सुनवाई इसी महीने तीन जून को पूरी हुई. तब जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने घोषणा की थी कि 10 जून को फैसला सुनाया जा सकता है. अधिकारियों ने बीते रविवार को कहा कि कठुआ में फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर अदालत और उसके आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं. उन्होंने कहा कि हालात पर करीब से नजर रखी जाएगी. 15 पन्नों के आरोपपत्र के अनुसार पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गई आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई.

मामले में रोजाना आधार पर सुनवाई पड़ोसी राज्य पंजाब के पठानकोट में जिला और सत्र अदालत में पिछले साल जून के पहले सप्ताह में शुरू हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर भेजने का आदेश दिया था जिसके बाद जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पठानकोट की अदालत में मामले को भेजा गया. शीर्ष अदालत का आदेश तब आया जब कठुआ में वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों को इस सनसनीखेज मामले में आरोपपत्र दाखिल करने से रोका था. इस मामले में अभियोजन दल में जेके चोपड़ा, एसएस बसरा और हरमिंदर सिंह शामिल थे.

अपराध शाखा ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे तथा उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था. इस मामले में दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया. सांजी राम से कथित तौर पर चार लाख रुपए लेने और महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने के मामले में हेड कांस्टेबल तिलक राज एवं एसआई आनंद दत्ता को भी गिरफ्तार किया गया.

जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए हैं. किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. बताया गया कि अगर आरोपियों को दोषी करार दिया जाता है तो उन्हें कम से कम उम्रकैद और अधिकतम मौत की सजा सुनाई जा सकती है.

(इनपुट – एजेंसी)