नई दिल्ली: भारत और कजाकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरु हो चुका है. इस अभ्यास को काजिंद 2019 नाम दिया गया है. यह अभ्यास पिथौरागढ़ सेना ब्रिगेड में शुरु हुआ. इस शैन्य अभ्यास में दोनों देशों के 60-60 सैनिकों की टुकड़ी भाग लेगी. इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मकसद आतंकवाद विरोधी जवाबी कार्रवाई और सैन्य ऑपरेशन के अनुभवों को एक दूसरे से साझा करना है. इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का एक वीडियो भारतीय सेना ने ट्विटर पर साक्षा किया है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों देशों के जवान पहाड़ी इलाकों में किस तरह से आतंकवाद व हमले को रोकने का प्रशिक्षण ले रहे हैं.

गुरुवार के दिन दोनों ही देशों की सेना की टुकड़ियों ने मैत्री मैदान में परेड की. ब्रिगेडियर एसके मंडल ने परेड की सलामी ली. इस परेड का नेतृत्व भारतीय सेना के टू राजपूत के सीओ कर्नल एके बहेरा और कजाकिस्तान के कैप्टन नईम ने किया. इस दौरान दोनों दी देशों का राष्ट्रगान बजाया गया जिसके बाद ब्रिगेडियर एसके मंडल ने सेनाओं को संबोधित किया.

ब्रिगेडियर ने अपने संबोधन में काजाकिस्तान के सैनिकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं अपनी युद्ध कौशल के बारे में बहुत कुछ सीखेंगी और आदान-प्रदान करेंगे. इस दौरान उन्होंने कजाकिस्तान की भाषा में भी कजाक सेना को संबोधित किया. यह अभ्यास 14 दिनों तक चलेगा. इस सैन्य अभ्यास में कजाकिस्तान सेना के कुल 14 अधिकारी और जवान शामिल हैं वहीं भारतीय सेना के कुल 13 अधिकारी और 47 जवान शामिल हैं. आपको बता दें कि यह सैन्य अभ्यास 15 अक्टूबर को खत्म होगा.

आपको बता दें कि काजिंद 2019 संयुक्त सैन्य अभ्यास भारत और कजाकिस्तान के बीच चौथा युद्धाभ्यास हैं। इससे पहले तीन बार दोनों देशों की सेनाओं ने युद्धाभ्यास किया हुआ है. सैन्य अधिकारियों के अनुसार यह संयुक्त युद्धाभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में कारगर साबित होगा साथ हील दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी फायदेमंद रहेगा.

आपको बता दें कि काजिंद 2019 के सैन्य युद्धाभ्यास दोनों देशों की सेना को जंगलों, पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद व हमले को रोकने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसकी मदद से तत्काल कार्रवाई कर आतंकवाद व किसी हमले को निष्क्रिय किया जा सकेगा.

(इनपुट-एएनआई)