नई दिल्ली: मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) को रोकने की कोशिश किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि शिक्षा राजनीति का हिस्सा होनी चाहिए, लेकिन किसी को शिक्षा व्यवस्था का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. राउज एवेन्यू के एक स्कूल का दौरा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वोट केवल उन्हें देना चाहिए जो अच्छी शिक्षा दिलाएं ना कि उन्हें जो धर्म के नाम पर लोगों के मन में भेदभाव पैदा करे. Also Read - दिल्ली में कोविड स्थिति को लेकर CM केजरीवाल की बैठक, बोले- 'ऑक्सीजन और रेमेडिसवीर की कमी, बहुत तेजी से घट रहे ICU बेड'

यह पूछे जाने पर कि भाजपा मेगा पीटीएम और उसके समय को लेकर आलोचना कर रही है, क्योंकि दिल्ली में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली ऐसी बैठक नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें (विपक्ष) यह राजनीतिक फायदे के लिए लगता है तो इस पर क्या मैं कह सकता हूं. उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की. लेकिन यह गलत है. शिक्षा और स्कूल को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए. हालांकि, मेरा मानना है कि शिक्षा राजनीति का हिस्सा होनी चाहिए, मगर शिक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. मुझे समझ में नहीं आता कि वे इसे रोकना क्यों चाहते हैं. Also Read - Coronavirus Cases in Delhi: कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली सरकार हुई अलर्ट, मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक

दिल्ली सरकार ने शनिवार को अपने स्कूलों में एक मेगा पीटीएम का आयोजन किया. आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने के बाद जुलाई, 2016 में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मेगा पीटीएम शुरू किया गया था, जिसकी अभिभावकों ने तारीफ की है. आप सरकार का दावा है कि उसने बच्चों की शिक्षा में अभिभावक-शिक्षक की सहभागिता और साझेदारी महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाई है. केजरीवाल ने कहा कि पीटीएम पहले प्राइवेट स्कूलों में ही हुआ करती थी. आप सरकार ने इसे जरूरी समझा और इसे सरकारी स्कूलों में भी लागू किया. Also Read - LIVE Delhi Budget 2021-2022: मनीष सिसोदिया ने पेश किया 69,000 करोड़ रुपये का देशभक्ति बजट, जानें Latest Updates...

उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में यह पहले सिर्फ कागजों पर ही होता था. पीटीएम बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण है. नासमझ लोग ही इसका विरोध कर सकते हैं.