तिरुवनन्तपुरम: केरल में मिशनरीज संस्थाओं में यौनशोषण के आरोपों से घिर दो अन्य पादरियों को कानून के सामने सरेंडर करना पड़ा है. यौन शोषण के आरोपों में घिरे मलंकारा ऑर्थोडोक्स सीरियन चर्च के दो अन्य पादरियों ने भी सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया. फादर अब्राहम वर्गीस उर्फ सोनी ने तिरुवल्ला की एक कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जबकि फादर जैजे जॉर्ज ने कोल्लम में अपराध शाखा कार्यालय में आत्मसमर्पण किया. बता दें कि इन पादरियों पर कंफेशन की आड़ में ब्लैकमेल कर एक महिला का यौनशोषण करने का आरोप है.

पादरियों के रेप मामलों में शामिल होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हैरान करने वाला ट्रेंड, हो क्या रहा है

सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम जमानत देने से इनकार कर 13 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने को कहा था. जस्टिस ए.के. सिकरी और अशोक भूषण की खंडपीठ ने कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद दोनों पादरी चाहे तो नियमित जमानत ले सकते हैं.

केरल के 5 पादरी यौन उत्पीड़न के आरोप में सस्पेंड, महिला को कर रहे थे ब्लैकमेल

केरल हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को इनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद दोनों ने अंतरिम जमानत हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. मामले में आरोपी अन्य दो पादरियों फादर जॉन मैथ्यू और जॉनसन वी मैथ्यू पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है.

केरल में महिला के साथ यौन उत्पीड़न का मामला, तीन में से एक पादरी ने किया सरेंडर

मलंकारा ऑर्थोडोक्स सीरियन चर्च के चार पादरियों पर आरोप है कि उन्होंने 34 वर्षीय एक महिला के कन्फेशन की आड़ में उसका यौन शोषण किया. पीड़िता के पति ने उनपर महिला को ब्लैकमेल करने और उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. महिला के बयान के आधार पर केरल पुलिस की अपराध शाखा ने दो जुलाई को मामला दर्ज किया था.

केरल का नन रेपकांड: आरोपी पादरी को हटाने पोप के यहां भेजी शिकायत