नई दिल्ली. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के माकपा नीत एलडीएफ सरकार के फैसले का विरोध करने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केरल की वामपंथी सरकार प्रदर्शनों को ताकत के बल पर दबाना चाहती है. इसपर केरल के सीएम पिनराई विजयन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमित शाह का कन्नूर में दिया बयान संविधान और कानून के खिलाफ है.

विजयन ने कहा, अमित शाह के भाषण से स्पष्ट है कि वह संविधान से मिले मौलिक अधिकारों को गारंटी देने के पक्ष में नहीं हैं. यह आरएसएस और संघ परिवार का एजेंडा दिखा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को गिराने की धमकी देने वाले अमित शाह को याद रखना चाहिए कि हमें जनता ने बहुमत दिया है. हम बीजेपी की दया पर सरकार नहीं बनाए हैं. अमित शाह का संदेश जनता के बहुमत पर निशाना है.

शाह ने ये कहा
बता दें कि इससे पहले बीजेपी अध्‍यक्ष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और संघ परिवार के कार्यकर्ताओं समेत प्रदेश भर में सभी वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 2000 से ज्यादा श्रद्धालुओं की गिरफ्तारी की भी आलोचना की थी.अपने संबोधन की शुरुआत ”स्वामी शरणम अयप्पा” के मंत्र से करते हुए उन्होंने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शनों को दबाया जाना जारी रहा तो मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भारी कीमत चुकानी होगी. विजयन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का विरोध प्रदर्शन को दबाना ”आग से खेलने” के तुल्य है.

पूजा पर पाबंदी नहीं है
शाह ने कहा, किसी भी दूसरे अयप्पा मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर कोई पाबंदी नहीं है. सबरीमाला मंदिर की विशिष्टता को बचाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा, कम्युनिस्ट सरकार मंदिरों के खिलाफ साजिश रच रही है. उन्होंने केरल में आपातकाल जैसी स्थिति बना दी है.