नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि एयरइंडिया कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन के चलते विदेश में फंसे करीब 15000 भारतीय नागरिकों को देश वापस लाने के लिए सात से 13 मई तक 64 उड़ानों का परिचालन करेगी. Also Read - Coronavirus: धार्मिक स्‍थलों के लिए SOP जारी, घंटी, मूर्ति छूना है प्रतिबंधित, पढ़ें नियम

हालांकि केंद्र सरकार के इस फैसले से केरल के मुख्यमंत्री ज्यादा उत्साहित नहीं हैं. उन्होंने इसको लेकर पीएम मोदी को लेटर लिखा है. केरल के सीएम पिनारयी विजयन ने पीएम मोदी से कहा है कि बिना COVID-19 टेस्ट के भारतीयों को वापस लाना बेहद जोखिम भरा है. उन्होंने कहा, “केंद्र ने सूचित किया है कि वे COVID19 परीक्षण आयोजित किए बिना अन्य देशों से भारतीयों को वापस ला रहे हैं. इससे COVID19 के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा. परीक्षण किया चाहिए. मैंने इस मामले को केंद्र के साथ उठाया है.” Also Read - विशेषज्ञों का दावा, एचसीक्यू का दोबारा क्लिनिकल ट्रायल शुरू होना सही दिशा में उठाया गया कदम

इससे पहले नागर विमानन मंत्री ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निजी भारतीय एयरलाइन्स भी 13 मई के बाद इस अभियान में शामिल हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि इन उड़ानों का लाभ उठाने वाले लोगों को शुल्क वहन करना होगा. उन्होंने कहा कि लंदन-दिल्ली उड़ान पर यात्री से 50,000 रूपये शुल्क लिया जाएगा जबकि ढाका-दिल्ली उड़ान पर उसे 12,000 रूपये देना होगा.

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई में भारतीय मिशन ने प्राथमिकता वाले यात्रियों की सूची एअर इंडिया को सौंप दी है. हम प्रत्येक यात्री को टिकट प्राप्त करने के लिए कॉल और ई-मेल के जरिए एअर इंडिया से संपर्क करने के बाबत सूचित करेंगे. राज्य से आवेदकों की सबसे अधिक संख्या होने के चलते बृहस्पतिवार की पहली दो उड़ानें केरल के लिए होंगी.

एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपीन, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत और ओमान समेत 12 देशों से भारतीयों को वापस लाने के लिए 64 उड़ानों को संचालित करेगी.

मंत्री ने बताया कि भारत विदेश से भारतीयों को वापस लाने के लिए सात मई से 13 मई तक संयुक्त अरब अमीरात के लिए 10, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए सात-सात, सऊदी अरब के लिए पांच, सिंगापुर के लिए पांच और कतर के लिए दो उड़ानें भेजेगा.