तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस केरल अध्यक्ष एम रामचंद्रन ने शुक्रवार को एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा “कोविड रानी” का खिताब पाना चाहती हैं. रामचंद्रन के इस बयान के बाद माकपा की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने रामचंद्रन के बयान को लैंगिक भेदभाव करने वाला बताया और इसके लिए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा. Also Read - कोरोना: केरल में 1 साल तक बरतनी होगी एहतियात, 2021 तक के लिए नियम जारी, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

रामचंद्रन ने यह भी कहा कि निपाह विषाणु फैलने के दौरान शैलजा कोझिकोड में “अतिथि कलाकार” बन कर गई थीं और उन्होंने ‘निपाह राजकुमारी’ बनने का प्रयास किया था. Also Read - बेजुबान जानवर से बदला लेने की ऐसी चढ़ी सनक कि शख्स ने 40 कुत्तों को मौत के घाट उतारा दिया, जानें क्या थी वजह

राज्य के वित्त मंत्री टी एम थॉमस आइजेक ने रामचंद्रन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर पर लिखा, “केपीसीसी अध्यक्ष केरल की स्वास्थ्य मंत्री शैलजा को कह रहे हैं कि निपाह राजकुमारी अब कोविड रानी बनने चली है. क्या कोई नेता इतना नीचे गिर सकता है? इन सबसे शैलजा और केरल सरकार को मिलने वाली वह प्रशंसा कम नहीं होगी जो महामारी से निपटने के लिए उन्हें मिली है.” Also Read - कांग्रेस की कमान संभालने की तैयारी में राहुल गांधी! पीएम मोदी को घेरने के लिए प्रदेशाध्यक्षों की ली मीटिंग

वरिष्ठ माकपा नेता बृंदा करात ने रामचंद्रन के बयान की निंदा की और कहा कि इस प्रकार का बयान लैंगिक भेदभाव को दर्शाता है. रामचंद्रन ने कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के विरोध प्रदर्शन के दौरान विवादास्पद बयान दिया था.

उन्होंने कहा, “निपाह वायरस फैलने के दौरान हमारी स्वास्थ्य मंत्री कोझिकोड में अतिथि कलाकार बन कर गई थीं.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ जैसे उन्होंने निपाह राजकुमारी बनने का प्रयास किया था, अब वह कोविड रानी बनने की कोशिश कर रही हैं.”