कन्नूर/ तिरूवनंतपुरम: पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करना कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर को अब भारी पड़ता नजर आ रहा है. इस मामले में पार्टी ने थरूर से स्‍पष्‍टीकरण मांगा है. केरल प्रदेश कांग्रेस इकाई की रिपोर्ट पर अंतिम फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी करेगी. कांग्रेस की केरल इकाई ने मंगलवार को पार्टी सांसद शशि थरूर से उनकी इस टिप्पणी के लिए स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सही चीजें करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की जानी चाहिए.

केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसी) के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचन्द्रन ने कन्नूर में मीडियाकर्मियों से कहा कि विभिन्न पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनसे संपर्क कर थरूर द्वारा मोदी की सराहना किए जाने की शिकायत की है. केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख ने कहा कि वह उस परिस्थिति से अनभिज्ञ हैं, जिसमें थरूर ने मोदी के समर्थन में टिप्पणी की. पूर्व मंत्री को यह स्पष्टीकरण देना चाहिए कि किस बात के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपना पूर्व रुख बदल दिया.

बता दें कि थरूर एवं उनके सहयोगी अभिषेक सिंघवी ने बीते हफ्ते अपनी पार्टी के नेता जयराम रमेश के उस बयान का समर्थन किया था कि मोदी के काम को महत्व नहीं देकर और हर समय उन्हें खलनायक के रूप में पेश करने से फायदा नहीं मिलेगा. थरूर ने रविवार को कहा, जयराम रमेश और सिंघवी ने जो कहा, वह गलत नहीं है. यदि मोदी ने कुछ सही किया है तो हमें उसको स्वीकार करना चाहिए. अन्यथा हम लोगों के बीच विश्वसनीयता को खो देंगे. उन्होंने एक मलयालम टीवी चैनल से कहा, यदि जरूरत है तो हमें तीखी आलोचना करनी चाहिए.

पूर्व विदेश मंत्री जयराम रमेश ने हाल में कहा था कि मोदी का मॉडल पूरी तरह से नकारात्मक गाथा नहीं है और उनके काम को महत्व नहीं देकर और हर समय उनको खलनायक की तरह पेश करने से कोई फायदा नहीं होगा.

रामचन्द्रन ने कहा कि देश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थरूर द्वारा दिए गए बयान पर बहुत अप्रसन्नता जताई है. उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं ने लिखित शिकायतों के साथ उनसे बातचीत की. लिहाजा केपीसीसी ने इस संबंध में थरूर से स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय किया है.

राज्य कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वह थरूर से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, जो फिलहाल विदेश में हैं और उन्हें पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की अप्रसन्नता से अवगत कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि केपीसीसी इस मामले में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) को एक रिपोर्ट सौंपेगी और वह इस बारे में अंतिम फैसला करेगी.

थरूर राज्य के कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं की आलोचना का उस समय शिकार बन गए थे, जब उन्होंने यह कहा था कि अच्छे काम करने के लिए मोदी की सराहना की जानी चाहिए. आलोचनाओं से अविचलित हुए बिना कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनके रुख में कुछ भी गलत नहीं है.

सांसद के मुरलीधरन ने कहा कि मोदी की सराहना करने वाले लोगों को भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए वही एक अन्य पार्टी सांसद बेनी बेहनन ने कहा कि प्रधानमंत्री को महिमामंडित करना कांग्रेसजन का काम नहीं है. एक अन्य सांसद टी एन प्रतापन ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इस मामले में उनसे फौरान हस्तक्षेप की मांग की. केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीतला ने कहा कि मोदी सरकार के गलत कामों को अनदेखा नहीं किया जा सकता.