नई दिल्ली: केरल के साइलेंट वैली जंगल में एक गर्भवती हथिनी की मौत के मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक समिति का गठन किया है और उसे मामले में कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है. हथिनी कथित तौर पर स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए पटाखों से भरे अनानास को खाने के बाद हुए विस्फोट में घायल हो गयी थी और 27 मई को वेलियार नदी में उसने दम तोड़ दिया. उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि वह गर्भवती थी.Also Read - Kerala Rains & Landslide Update: बाढ़ और भूस्‍खलन से मौतों का आंकड़ा 21 हुआ, PM मोदी ने दुख जताया

अनानास खाने के बाद मुंह में विस्फोट होने से उसका जबड़ा टूट गया और वह कुछ खा नहीं सकी. एनजीटी ने कहा कि इस खबर से पूरे राष्ट्र के लोग आक्रोशित हुए हैं और यह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है. Also Read - Kerala Rain Updates: केरल में भारी बारिश से छह लोगों की मौत, एक दर्जन लोग लापता; बचाव अभियान में उतरीं तीनों सेनाएं

उसने कहा, ‘‘संभवत: जंगलों में वन्य जीवों के संरक्षण के नियमों का पालन नहीं करने के कारण उनका मनुष्य से संघर्ष होने और पशुओं की जान खतरे में आने संबंधी अनेक पहलुओं के कारण इस तरह की चीजें हो रही हैं.’’ Also Read - Heavy Rains in Kerala: 5 जिलों में रेड अलर्ट, लैंडस्‍लाइड में 12 लोग लापता, बाढ़ से एक की मौत, एयरफोर्स से मांगी मदद

न्यायमूर्ति के रामकृष्णन और सैबाल दासगुप्ता की पीठ ने पर्यावरण और वन मंत्रालय, केरल सरकार तथा अन्य पक्षों को इस संबंध में नोटिस जारी किए और 10 जुलाई से पहले जवाब देने को कहा है.

पीठ ने पांच जून के आदेश में कहा, ‘‘वास्तविक स्थिति का पता लगाने और वन्यजीवों के संरक्षण तथा भविष्य में मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए उठाये जाने वाले कदमों का पता लगाने के लिए हमें लगता है कि एक संयुक्त समिति का गठन उचित होगा.’’ पीठ ने कहा कि समिति जांच करेगी और तथ्यों एवं कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट जमा करेगी. वह भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिहाज से दीर्घकालिक प्रबंधन योजना भी सुझाएगी.