तिरुवनंतपुरम: बाढ़ प्रभावित केरल में निर्जन इमारतों और छतों पर फंसे हुए हजारों लोगों को आज बचाया गया. वहीं, बारिश और कुछ स्थानों पर नये सिरे से भूस्खलन की घटनाएं हुईं हैं. इसके साथ ही राज्य में आठ अगस्त से मॉनसून के दूसरे चरण में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 400 केे करीब हो गई है. मुख्‍यमंत्री पिनारी विजयन के अनुसार राज्‍य में मरने वालों की कुल संख्‍या 357 है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों को इमारतों से एयरलिफ्ट किया गया, जबकि कई अन्य को सेना की नौकाओं, मछली पकड़ने वाले बड़े जहाजों और अस्थायी नौकाओं में बाहर निकाला गया. राज्य के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पैक्ड हाउस बोट और रबर की नौकाओं को जलमग्न सड़कों से गुजरते देखा जा सकता है. हालांकि, बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित पथनमथिट्टा और चेंगानूर जैसे स्थानों में लोगों ने कहा कि सैकड़ों लोगों को अब भी निकाला जाना बाकी है.

कई जगहों पर स्थानीय लोग रक्षा और एनडीआरएफ कर्मियों के साथ लोगों को बाहर निकालने के काम में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अलग-थलग इलाकों और घरों के बारे में जानकारी की कमी की वजह से माना जाता है कि बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं. बचावकर्मियों के लिए यह चिंता का विषय है.

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एर्नाकुलम जिले में मुख्य रूप से परावुर और अलुवा तालुक में 54,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है. वहां पिछले दो दिनों में भारी बारिश और गंभीर जल जमाव देखा गया. पिछले दो दिनों से कोच्चि के पास कलाडी में श्री शंकराचार्य विश्वविद्यालय के परिसर में एक इमारत में फंसे हुए 600 से ज्यादा छात्रों को शनिवार को बचाया गया.

नौसेना के सूत्रों के मुताबिक, कलाडी से दो-दो सगे भाई बहनों को बचाया गया और उन्हें कोच्चि में नौसेना के अड्डे पर लाया गया और वे अपने माता-पिता से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. स्थानीय नेताओं ने कहा कि एर्नाकुलम जिले के परावुर क्षेत्र में हजारों लोग फंसे हुए हैं. अभी तक कई लोगों के फंसे होने के मद्देनजर अधिकारियों ने आज बचाव अभियान के लिए निजी नौकाओं और स्कूल बसों को देने के आदेश जारी किए. मिशन में मछली पकड़ने की नौका का पहले ही इस्तेमाल किया जा रहा है.

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पालक्काड जिले में नेल्लियंपैथी का संपर्क पूरी तरह से कट गया है क्योंकि एक पुल बह गया है और लगातार बारिश और भूस्खलन में सड़क पर भारी चट्टान गिर गए हैं. इडुक्की के ऊपरी क्षेत्र में नये सिरे से भूस्खलन होने का समाचार है. पांडानाद, अरानमुला और नेनमारा सहित कई स्थानों पर शवों को पानी में तैरते हुए देखा गया. वहां दो दिन पहले जबर्दस्त भूस्खलन हुआ था. जिला अधिकारियों ने पथनमथिट्टा में कक्की बांध के डाउनस्ट्रीम में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है क्योंकि चार में से तीन शटर 75 सेमी-9 0 सेमी तक उठाए गए हैं.

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मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक केरल के विभिन्न स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है. उन्होंने कहा कि इडुक्की जिले में शनिवार को सर्वाधिक वर्षा हुई. मुन्नार और पीरमेड कस्बों में क्रमशः 11 सेमी और 10 सेमी बारिश दर्ज की गई. अधिकारियों के मुताबिक, 8 अगस्त से शुरू हुई मूसलाधार बारिश में अब तक 194 लोगों की जान चली गई है और 29 मई को दक्षिण पश्चिमी मॉनसून आने के बाद से राज्य में अब तक 357 लोगों की मौत हुई है.