नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम. केरल में बाढ़ और लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई है. एक तरफ जहां इस भीषण आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ वहां सरकार और सेना राहत कार्य में लगे हुए हैं. इन सबके बीच सोमवार से राज्य में बारिश रुकी हुई है और बाढ़ का पानी भी घटा है. इसके बाद लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं. राज्य में बाढ़ की चपेट में आने से अबतक 216 लोगों की मौत हो चुकी है. केरल के कुछ इलाकों में अब भी लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए सेना ड्रोन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. Also Read - Kerala SSLC, Plus 2 Exams: केरल बोर्ड ने एक बार फिर SSLC और Plus 2 का एग्जाम किया पोस्टपोन, जानें डिटेल

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बाढ़ का पानी घटने और बारिश रुकने के बाद लोग अपने घर की ओर लौट रहे हैं. लोग अपने घरों की सफाई में लगे हुए हैं. वहीं सरकार ब्लिचिंग पाउडर जैसी सामग्रियों को भेज रही है. लेकिन, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सबसे जरूरी चुनौती ये है कि वह पानी से होने वाली बीमारियों से बचें. क्योंकि पिछले काफी दिनों से पानी लगा हुआ है और उसके साथ बह के आने वाली गंदगियों से पूरा इलाका भरा हुआ है.

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बने हुए घरों में 60 सेमी तक दलदल और गंदगी भर गई है. केरल वाटर अथॉरिटी और इलेक्ट्रिशिटी बोर्ड पानी और बिजली की व्यवस्था में लगे हुए हैं. बता दें कि बाढ़ प्रभावित इन क्षेत्रों में बिजली और पानी संकट को देखते हुए सरकार हर संभव प्रयास में लगी हुई है.

वहीं, एक 19 साल के युवक ने सिर्फ इसलिए सुसाइड कर लिया कि उसका 12वीं का सर्टिफिकेट पानी में बह गया. कैलाश ने इंडिस्ट्रियल ट्रेनिंग स्कूल में एडमिशन लिया था. इसके लिए उसने नए कपड़े बनवाए थे और कुछ पैसों की व्यवस्था की थी. लेकिन जब वह घर लौटा तो देखा कि उसका 12वीं का सर्टिफिकेट नष्ट हो गया है.