तिरुवनंतपुरम: केरल में सोने की तस्करी मामले को लेकर विपक्ष के बढ़ते हमले के बीच मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए एक “सुनियोजित अभियान” चलाया जा रहा है. इस बीच, जांच को आगे बढ़ाते हुये एनआईए ने यहां कई स्थानों पर छापेमारी की. Also Read - Gold Price Today 23 October 2020: एक दिन की तेजी के बाद फिर से गिरे सोने के दाम, इस समय खरीदारी से होगा मुनाफा, जानें आज का भाव

विजयन ने मीडिया को बताया कि राजनयिक सामान से जुड़े मामले की जांच आगे बढ़ेगी और दोषियों को कठघरे में लाया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘जब हवाई अड्डे से सीमा शुल्क विभाग द्वारा सामान की जब्ती की ख़बर आई, तो एक राजनीतिक दल के एक जिम्मेदार नेता ने राज्य सरकार पर दोष मढ़ने की कोशिश की और कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के किसी व्यक्ति ने सीमा शुल्क अधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास किया. Also Read - Gold Rate Today 22 October 2020 : बढ़ने लगे हैं सोने-चांदी के दाम, सोने में इतने रूपये की आई उछाल, जानें अपने बाजार का भाव

विजयन ने कहा, ‘‘हालांकि, हम सभी जानते हैं कि बाद में क्या हुआ. यह राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने के उनके सुनियोजित अभियान का हिस्सा था.’’ एजेंसी ने मामले की जांच के सिलसिले में कई फ्लैटों और कार्यालयों सहित शहर के कई स्थानों पर तलाशी ली. Also Read - Reservation in Government Jobs: यह राज्य सरकारी नौकरी में सामान्य वर्ग को देगा 10 प्रतिशत का आरक्षण, जानें पूरी डिटेल

इससे पहले दिन में, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के यहां स्थित वाणिज्यिक दूतावास में सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात केरल पुलिस के कर्मी का यहां एक निजी अस्पताल में मजिस्ट्रेट ने शनिवार को बयान दर्ज किया. उक्त पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर आत्महत्या करने की कोशिश की थी.

जय घोष के परिजनों के मुताबिक वह बृहस्पतिवार रात से लापता था और उसे शुक्रवार की सुबह थुम्बा स्थित अपने घर के पास पाया गया. कथित तौर पर घोष की कलाई कटी हुई थी और खून बह रहा था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, “मजिस्ट्रेट अस्पताल आए और उन्होंने उसका बयान दर्ज किया. पुलिस ने अभी तक पूछताछ नहीं की है. अभी उसकी हालत स्थिर है.”

घोष को उसके पैतृक घर के पास पड़ा हुआ पाया गया था और यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुक्रवार की सुबह पुलिस ने उसे अपने घर से कुछ दूर एक खाली जगह पर पाया. पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर अपने परिवार को बताया था कि उसे कुछ लोगों से धमकियां मिल रही थीं. यह घटना सोने की तस्करी के सनसनीखेज मामले के बीच सामने आई है जिसमें यूएई के वाणिज्यिक दूतावास के सामान में सोना छिपाकर लाया गया था.

घोष पहले यहां हवाई अड्डे पर तैनात था और वह 2017 से वाणिज्यिक दूतावास पर कार्यरत है. कथित तौर पर उसने तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश से उसी दिन (पांच जुलाई) तीन बार संपर्क किया था जिस दिन सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा 15 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया गया था. मामले की छानबीन सीमा शुल्क विभाग और राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है.