नई दिल्ली. केरल सरकार ने मरीजों का उपचार करते हुए निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद जान गंवाने वाली नर्स लिनी पुतुसेरी के परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. सरकार ने फैसला किया है कि उनके पति को सरकारी नौकरी दी जाएगी तथा उनके दोनों बच्चों को दस-दस लाख रुपए की मदद दी जाएगी. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत फैसला लिया गया. सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि लिनी के पति सजीश को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी की पेशकश की जाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से उनके दो और पांच वर्ष के बच्चों को दस-दस लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे.

निपाह के संक्रमण से जान गंवाने वाले अन्य 9 को भी 5-5 लाख
लिनी के बच्चों के लिए जो राशि मंजूर की गई है उसमें से पांच-पांच लाख रुपए उनके बैंक खातों में जमा किए जाएंगे. बाकी के पांच-पांच लाख रुपए इस तरह से जमा किए जाएंगे कि अभिभावक उससे प्राप्त होने वाले ब्याज का इस्तेमाल बच्चों की जरूरत के लिए कर सकेंगे. सरकार ने निपाह वायरस संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले अन्य नौ लोगों के परिजनों को भी पांच-पांच लाख रुपए देने का फैसला किया है. पेराम्ब्रा तालुका अस्पताल में काम करने वाली नर्स लिनी को यह संक्रमण शुरुआत के दिनों में अस्पताल में उपचार करवाने आए मरीजों से हो गया था. बहरीन में काम करने वाले सजीश लिनी की बीमारी के बारे में सुनने के बाद उनकी मौत के दो दिन पहले पेराम्ब्रा आ गए थे. इस वायरस के कारण कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में दस लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्यपाल ने लोगों से अफवाहों से नहीं घबराने की अपील की
केरल के राज्यपाल पी. सदाशिवम ने आज लोगों से निपाह विषाणु के प्रसार की अफवाहों से नहीं घबराने की अपील की. इस विषाणु के चलते कोझिकोड और मल्लापुरम जिलों में अबतक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. एक संदेश में राज्यपाल ने सभी से राज्य के स्वास्थ्य विभाग के परामर्श का पालन करने, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और केंद्र सरकार के विशेषज्ञों पर पूरा भरोसा करने का अनुरोध किया. बता दें कि केरल में निपाह विषाणु से 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. दो अन्य की मौत के सत्यापन का इंतजार है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- वायरस के प्रकोप पर कर लिया गया है नियंत्रण
इधर, केरल की स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा ने बुधवार को कहा कि राज्य में निपाह वायरस के प्रकोप को काबू में कर लिया गया है और घबराने की जरूरत नहीं है. कोझीकोड मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 17 लोगों का इलाज चल रहा है. वायरस का संक्रमण कोझीकोड और मालप्पुरम जिलों के बाहर नहीं होने दिया गया है. लेकिन, मंत्री ने कहा कि कोझीकोड में नए मामले में दो लोगों को बुखार की शिकायत होने पर निपाह के संदिग्ध संक्रमण के मद्देनजर निगरानी में रखा गया गया है. शैलजा ने मीडिया को बताया कि हालांकि वायरस पर काबू पा लिया गया है मगर सावधानी बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इन मरीजों पर होने वाले पूरे खर्च का वहन प्रदेश सरकार करेगी. किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे मामलों में उपचार के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवा रिबाविरिन की आपूर्ति का सरकार इंतजार कर रही है.