नई दिल्ली: भगवान अयप्पा मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के फैसले पर जारी गतिरोध के बीच केरल सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट को सूचित किया कि सबरीमला मंदिर में महिलाओं को पूजा करने के लिए दो दिन का समय अलग से निर्धारित किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मद्देनजर सुचारू यात्रा के साथ ही मंदिर में महिलाओं की पूजा अर्चना के लिए सुरक्षा मांग कर रही चार महिला श्रद्धालुओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के वक्त ये सुझाव आए. याचिका दायर करने वाली महिलाओं की उम्र 20-30 साल के बीच है. Also Read - Prayagraj Magh Mela 2021: हाईकोर्ट ने योगी सरकार से पूछा- माघ मेला में कोविड संक्रमण रोकने के क्या हैं इंतजाम, 'फुलप्रूफ योजना' प्रस्तुत करें

चार महिलाओं ने अपनी याचिका में सबरीमला जाने की इच्छा रखने वाली सभी उम्र की महिलाओं के लिए खास तौर पर दो से तीन दिन निर्धारित करने के सुझाव दिए. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत से कहा कि तीर्थ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से दो दिनों का वक्त तय किया जा सकता है. मुख्य न्यायाधीश हृषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति ए के जयशंकरण नांबियार की पीठ ने रेशमा निशांत, शनिला सजीश, धान्या वी एस और सूर्या एम की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मंदिर जाकर पूजा अर्चना करने की उनकी बहुत इच्छा है, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण वे मंदिर में घुस नहीं पायीं. Also Read - Bird Flu: केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम में 69,000 पक्षियों को मारा गया; बतख पालने वाले किसानों को मुआवजा देगी सरकार

इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने सबरीमला जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ कथित सख्ती को लेकर बुधवार को पुलिस की खिंचाई की थी और मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाने से संबंधित सभी रिकॉर्ड पेश करने को कहा था. अदालत ने सबरीमला और निलक्कल में तीर्थयात्रियों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर सबरीमला के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या इन अधिकारियों की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है. अदालत ने यह भी कहा कि अनुभवी अधिकारियों को प्रभार सौंपा जाना चाहिए. Also Read - Gujarat News: सूरत के फायर डिपार्टमेंट ने 10 स्कूलों को किया सील, हाईकोर्ट की फटकार के बाद की कार्रवाई

न्यायमूर्ति पी आर रामचंद्र मेनन और न्यायमूर्ति एन अनिल कुमार की खंडपीठ ने पत्तनमथिट्टा जिला मजिस्ट्रेट को सभी फाइल एवं रिकार्ड पेश करने का निर्देश दिया जिसके कारण सबरीमला सन्नीधानम तथा आस-पास के क्षेत्रों में धारा 144 लगायी गयी. अदालत सबरीमला से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर विचार कर रही थी. मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों के साथ कथित सख्ती को लेकर पुलिस की खिंचाई करते हुए अदालत ने कहा कि भक्तों के समूह के सबरीमला जाने पर कोई रोक नहीं थी. अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि सन्नीधानम में अयप्पा मंत्र का जाप करते वाले भक्तों को बाधित नहीं करे.अदालत ने सरकार की भी खिंचाई की और अगले हफ्ते होने वाली सुनवाई के दौरान जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया.