तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने की लड़ाई में पैसों की कमी दूर करने के लिए अपने कर्मचारियों का वेतन काटने के लिए एक अध्यादेश लाने का बुधवार को फैसला किया. हाईकोर्ट के वाम सरकार के अपने कर्मचारियों के वेतन कटौती के आदेश पर रोक लगाने और इसके कानून के तहत ना होने की बात कहने के एक दिन बाद यह निर्णय किया गया. Also Read - SBI New Timing: बैंक की शाखा के खुलने और बंद होने का बदला समय, जानें कब से कब खुलेंगे बैंक

राज्य के वित्त मंत्री टी. एम. थोमस इसाक ने मंत्रिमंडल के फैसले की घोषाणा करते हुए मीडियाकर्मियों को बताया कि अध्यादेश के तहत इस आपात स्थिति में राज्य सरकार अपने कर्मचारियों का 25 प्रतिशत वेतन काटेगी. Also Read - यूपी सरकार में मंत्री विजय कश्यप का कोरोना से हुआ निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

बता दें कि 28 अप्रैल को केरल उच्च न्यायालय ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती के राज्य सरकार के आदेश पर मंगलवार को दो महीने के लिए रोक लगा दी थी. न्यायमूर्ति बी कुरियन थॉमस ने सरकार के फैसले को चुनौती देनी वाली विभिन्न याचिकाओं पर विचार करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया था. ये याचिकाएं कर्मचारियों और उनके संगठनों द्वारा दायर की गईं थीं. Also Read - Google I/O 2021: कोरोना काल में Google ने निभाई अहम भूमिका, दे रहा वैक्सीन से लेकर सेफ रूट तक की जानकारी

सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि अगले पांच महीनों तक हर महीने राज्य सरकार के कर्मचारियों का छह दिनों का वेतन काटा जाएगा. आदेश में कहा गया था कि यह राज्य के स्वामित्व वाले सभी उद्यमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, अर्ध-सरकारी संगठनों, विश्वविद्यालयों आदि के कर्मचारियों पर लागू होगा.

सरकार के आदेश में यह भी कहा गया था कि मंत्रियों, विधायकों, विभिन्न बोर्डों, स्थानीय निकायों, आयोगों के सदस्यों को एक वर्ष तक 30 प्रतिशत कम वेतन मिलेंगे.