तिरूवनंतपुरम. केरल में निपाह वायरस से 10 लोगों की मौत के मद्देनजर राज्य सरकार ने लोगों से राज्य के चार उत्तरी जिलों कोझिकोड, मलप्पुरम, वयनाड और कन्नूर में जाने से बचने को कहा है. स्वास्थ्य सचिव राजीव सदानंदन ने कहा, ‘‘ राज्य के बाकी हिस्से में जाना सुरक्षित है. लोग अतरिक्त ऐहतियात बरतना चाहते हैं तो वे इन चार जिलों में जाने से बच सकते हैं. सरकार ने मुद्दे पर चर्चा के लिए 25 मई को कोझिकोड में सर्वदलीय बैठक बुलाई है. Also Read - निपाह वायरस से पीड़ित मरीज की हालत स्थिर, 311 लोगों को निगरानी में रखा: स्वास्थ्य मंत्री

दूसरी तरफ कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलुरु के तटीय इलाके में एक निपाह वायरस की चपेट में आई एक संदिग्ध के बारे में जानकारी दी है. संदिग्ध महिला कर्नाटक और केरल के बॉर्डर के बीच आने वाले कसरगोड जिला का रहने वाली है. बताया जा रहा है कि निपाह वायरस की चपेट में आए अपने एक रिश्तेदार से मिलने गई थी, इसी दौरान वह भी इसकी चपेट में आ गई. Also Read - केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने की पुष्टि- निपाह से संक्रमित है कोच्चि अस्पताल में भर्ती छात्र

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि सांसद, विधायक और अन्य प्रतिनिधि तथा विभिन्न दलों के नेता बैठक में हिस्सा लेंगे. कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में निपाह वायरस की चपेट में आकर 10 लोगों की मौत हो चुकी है और विभिन्न अस्पतालों में 19 लोगों का इलाज हो रहा है. इसमें एक व्यक्ति का उपचार वयनाड में हो रहा है. अब तक 13 मामले की पुष्टि हुई है. इसमें 10 लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - निपाह वायरस का डर: सऊदी अरब ने केरल के उत्पादों पर लगाया प्रतिबंध

बनाया गया एकांत वार्ड
खबरों के मुताबिक, कन्नूर के तलासेरी सरकारी अस्पताल में एकांत वार्ड भी बनाया गया है. कोझिकोड में संक्रमण से सात मौतों के बाद जिलाधिकारी यू वी जोश ने प्रभावित इलाके में सभी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम और ग्रीष्मकालीन शिविरों को अस्थायी तौर पर कार्य रोकने का निर्देश दिया है. इन क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने को कहा गया है. गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूलों को फिर से खोले जाने के संबंध में अभी फैसला नहीं हुआ है. प्रशासन को उम्मीद है कि एक सप्ताह बाद स्कूलों के खुलने तक स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा.

आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने को कहा
पड़ोस के मलप्पुरम में वायरस से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. यहां चार पंचायतों को कुछ समय तक आंगनवाड़ी बंद रखने को कहा गया है. कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में वायरस से मौत के बाद सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल बनाने के लिए एक संकट प्रबंधन समूह भी बनाया गया है. सरकार ने मरीजों का उपचार करते हुए निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद जान गंवाने वाली नर्स लिनी पुतुसेरी के परिवार की मदद करने का फैसला किया है. उनके पति को सरकारी नौकरी दी जाएगी तथा उनके दोनों बच्चों को दस-दस लाख रूपये की मदद दी जाएगी.