तिरुवनंतपुरम: कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रस्तावित जनता कर्फ्यू का रविवार को केरल में लोगों ने पालन किया. केरल में पूरी तरह आवाजाही बंद दिखाई दी और राज्य की राजधानी समेत अन्य स्थानों पर सड़कें बिल्कुल खाली नजर आईं. Also Read - लॉकडाउन के दौरान 'गंभीर चूक', केंद्र ने दिल्ली सरकार के दो अधिकारियों को किया निलंबित

बता दें कि केरल में कोरोना वायरस 52 से ज्‍यादा मामले हैं, जिनमें सात विदेशी नागरिक शामिल हैं. भारत में महाराष्‍ट्र के 74 मामले हैं. Also Read - बोल्ड तस्वीरें देख मचल जाते हैं फैंस, कोरोना संकट के समय गरीबों में दूध बांट रही है ये एक्ट्रेस

प्रधानमंत्री की ओर से प्रस्तावित ‘स्वैच्छिक कर्फ्यू’ का राज्य की वाम सरकार ने भी स्वागत किया. Also Read - COVID-19: सीमा सील होने के बावजूद पैदल यात्रा जारी, घर जाने की लगी होड़


कुछ वाहनों को छोड़कर तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम जैसे बड़े शहरों में सड़कें खाली रहीं. राज्य संचालित बसें भी सड़कों पर नहीं उतरीं और कोच्चि मेट्रो रेल निगम ने भी सेवाएं रोक दीं. निजी बसों समेत ऑटो रिक्शा वालों ने भी जनता कर्फ्यू का पालन किया.

राज्य की सवास्थ्य मंत्री के.के शैलजा ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर लोग अनिवार्य रूप से घरों में रहें और भीड़ इकट्ठा करने से बचें. शैलजा ने कहा, ‘ यह महत्वपूर्ण है कि लोग स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का पालन करें. राज्य के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

इस बीच, अग्निशमन विभाग के अधिकारी तिरुवनंतपुरम शहर में कई स्थानों पर पानी में किटाणुनाशक मिलाकर छिड़काव करते दिखे.