तिरुवनंतपुरम: कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रस्तावित जनता कर्फ्यू का रविवार को केरल में लोगों ने पालन किया. केरल में पूरी तरह आवाजाही बंद दिखाई दी और राज्य की राजधानी समेत अन्य स्थानों पर सड़कें बिल्कुल खाली नजर आईं. Also Read - Corona Cases In UP: महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा यूपी में मिले केस, 103 मरीजों की मौत

बता दें कि केरल में कोरोना वायरस 52 से ज्‍यादा मामले हैं, जिनमें सात विदेशी नागरिक शामिल हैं. भारत में महाराष्‍ट्र के 74 मामले हैं. Also Read - Coronavirus Spreading Through Air? हवा के जरिए तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस, स्टडी में हुए चौंकाने वाले खुलासे

प्रधानमंत्री की ओर से प्रस्तावित ‘स्वैच्छिक कर्फ्यू’ का राज्य की वाम सरकार ने भी स्वागत किया. Also Read - New Restrictions in Bihar: बिहार में लागू हुईं नाई पाबंदियां, कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते संग्रहालय, स्टेडियम, जिम बंद


कुछ वाहनों को छोड़कर तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम जैसे बड़े शहरों में सड़कें खाली रहीं. राज्य संचालित बसें भी सड़कों पर नहीं उतरीं और कोच्चि मेट्रो रेल निगम ने भी सेवाएं रोक दीं. निजी बसों समेत ऑटो रिक्शा वालों ने भी जनता कर्फ्यू का पालन किया.

राज्य की सवास्थ्य मंत्री के.के शैलजा ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर लोग अनिवार्य रूप से घरों में रहें और भीड़ इकट्ठा करने से बचें. शैलजा ने कहा, ‘ यह महत्वपूर्ण है कि लोग स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का पालन करें. राज्य के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

इस बीच, अग्निशमन विभाग के अधिकारी तिरुवनंतपुरम शहर में कई स्थानों पर पानी में किटाणुनाशक मिलाकर छिड़काव करते दिखे.