नयी दिल्ली: केरल की रहने वाली युवती हादिया को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुये शफीन जहां से उसकी शादी अमान्य घोषित करने का केरल उच्च न्यायालय का फैसला रद्द कर दिया. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने साथ ही यह भी कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेन्सी(एनआईए) अपनी जांच जारी रख सकती है. Also Read - 'लव जिहाद' की बात कहने वाले केएम अशोकन बीजेपी में शामिल, बेटी ने मुस्लिम से की थी शादी

शीर्ष अदालत ने पिछले साल अगस्त में राष्ट्रीय जांच एजेन्सी को हादिया के धर्म परिवर्तन के मामले की जांच का निर्देश दिया था क्योंकि एजेन्सी ने दावा किया था कि केरल में इस तरह का एक‘ तरीका’ सामने आ रहा है. यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब हादिया के पति शफीन जहां ने उसकी शादी अमान्य करार देने और उसकी पत्नी को माता पिता के घर भेजने के उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी. Also Read - I am a Muslim and wanted to remain as a Muslim says Hadiya | केरल लव जिहाद: हदिया ने कहा, मुस्लिम हूं, मुस्लिम ही रहना चाहती हूं

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 27 नवंबर को हादिया को उसके माता पिता की निगरानी से मुक्त करते हुये उसे कालेज में अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिये भेज दिया था. हालांकि, हादिया ने कहा था कि वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में हादिया और शफीन के विवाह को लव जिहाद का एक नमूना बताते हुये इसे अमान्य घोषित कर दिया था. Also Read - Kerala Love Jihad case: SC says marriage can not be investigated | केरल लव जिहाद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने NIA को दिया झटका, कहा- बालिग हादिया ने मर्जी से की शादी, नहीं हो सकती जांच

भाषा