कोच्चि: केरल की एक नन के साथ कथित बलात्कार के मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने आज केरल उच्च न्यायालय से कहा कि पुलिस की शुरूआती जांच के अनुसार जालंधर के रोमन कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने अपने पद का दुरूपयोग किया और नन के साथ कई बार बलात्कार किया. कोट्टायम के पुलिस उपाधीक्षक के सुभाष ने मामले की तेज जांच की मांग से जुड़ी याचिका का जवाब देते हुए अदालत से कहा कि जांच प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है.

अधिकारी के जवाब के बाद उच्च न्यायालय ने पुलिस को उचित तरीके से मामले की जांच करने का निर्देश देने के साथ याचिका का निपटारा कर दिया. सरकारी वकील ने न्यायमूर्ति बी सुधींद्र कुमार से कहा कि मुलक्कल से पूछताछ करने और सबूतों को परखने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने को लेकर फैसला लिया जाएगा. मुलक्कल निर्दोष होने का दावा करते रहे हैं.

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सुभाष ने बयान में कहा कि वह और उनकी टीम जालंधर में जांच जारी रखेगी. पुलिस का बयान शुरूआती जांच और उपलब्ध सबूत पर आधारित है. बयान के अनुसार यह पता चला है कि आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने अप्राकृतिक अपराध किया और नन के साथ कई बार बलात्कार किया. केरल कैथोलिक चर्च रिफॉर्मेशन मूवमेंट (केसीआरएम) ने याचिका दायर की थी. याचिका में दावा किया गया था कि पुलिस मामले में तेजी से कार्रवाई नहीं कर रही.

कोट्टायम जिला पुलिस में दर्ज करायी गयी शिकायत में नन ने बिशप पर 2014 से 2016 के बीच उसके साथ कई बार बलात्कार करने और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया. राज्य के पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहेरा ने एक अगस्त को मामले की प्रगति का जायजा लिया और जांच दल को जांच के तहत जालंधर, नयी दिल्ली और दूसरे शहर जाने की मंजूरी दे दी.