नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम. त्रासदी की मार झेल रहे केरल ने अब इंटरनेशनल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट से लोन लेने की योजना बनाई है. केरल सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार विदेश से कर्ज लेने की सीमा बढाएगी. इसके लिए राज्य ने बाहरी कर्ज की सीमा को सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को तीन फीसदी से बढ़ाकर 4.5 फीसदी करने का अनुरोध किया है. Also Read - विश्व बैंक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए भारत को एक अरब डॉलर की मंजूरी दी  

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने पहले कभी किसी राज्य को इतनी बड़ी छूट नहीं दी है. अभी तक अधिकतम .5 फीसदी बढ़ोत्तरी की ही छूट थी. इस बढ़ोत्तरी से केरल छह हजार करोड़ तक का लोन ले सकेगा. Also Read - मानसिक परेशानी झेल रहे शराबियों की मदद को आगे आयी केरल सरकार, जारी किया विशेष पास

केरल सरकार ने वर्ल बैंक, एशियन डेवलपमैंट बैंक और इंटरनेशनल फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन बैंक सहित कई एजेंसियों से लोन लेने की संभावनाओं के बारे में बात करने का फैसला लिया है. ऐसे में वर्ल्ड बैंक की टीम अपने भारत के डायरेक्टर के साथ बुधवार को राज्य पहुंची और वह मुख्यमंत्री विजयन से बात करेगी. Also Read - कोरोना के कारण पाक की अर्थव्यवस्था चरमराई, मांगा 3.7 अरब डॉलर का कर्ज,1100 से अधिक लोग संक्रमित

दूसरी तरफ निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक बाढ़ प्रभावित केरल के 30 गावों को गोद लेगा. बैंक ने राज्य में राहत कार्यों के लिये 10 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद भी दी है. इसके साथ ही बैंक ने केरल के ग्राहकों के लिये ऋण और क्रेडिट कार्ड की मासिक किस्त पर विलंभ शुल्क में छूट देने की भी घोषणा की है. एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक आदित्य पुरी ने कहा, हम मुसीबत की इस घड़ी में केरल के लोगों के साथ खड़े हैं.

एचडीएफसी बैंक गोद लिये गांवों में चिकित्सा कैंप स्थापित करेगा. इसके अलावा विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण तथा आजीविका बहाल करने के लिए कौशल प्रशिक्षण देने में भी सहायता देगा. गांवों को गोद लेने के अलावा, बैंक ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 10 करोड़ रुपये का योगदान किया है. बैंक के कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन दिया है और बाकी हिस्सा बैंक की ओर से दिया गया है.