केरल. केरल के कोझिकोड इलाके में एक असिस्टेंट प्रोफेसर के सेक्सिस्ट और अपमानजनक टिप्पणी पर विवाद हो गया है. फारुक ट्रेनिंग कॉलेज के प्रोफेसर ने मुस्लिम छात्राओं के ड्रेस पर कमेंट किया था, जिसके बाद वहां छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्र संगठन एसएफआई के बैनर तले काफी संख्या में छात्र जुटे और ‘तरबूज मार्च’ निकाला. प्रोफेसर की टिप्पणी से नाराज छात्र हाथों में तरबूज लेकर कॉलेज के मेन गेट पर इकट्ठा हो गए और प्रोफेसर जौहर मुनव्वीर पर कार्रवाई की मांग करने लगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोफेसर ने मुस्लिम परिवारों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा था, लड़कियां अपना हिजाब सही तरीके से नहीं पहनती हैं. वे जानबूझकर अपना सीना दिखाती हैं, जैसे कि वह डिस्प्ले में तरबूज दिखा रही हों.’ उन्होंने ड्रेस को गैर इस्लामिक भी बताया था.

छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन
छात्रों की इस मार्च को पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद केरल स्टूडेंट यूनियन से भी जुड़े छात्रों ने हाथों में तरबूज लेकर प्रदर्शन किया. वहीं, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट पर तरबूज फेंककर प्रदर्शन किया. बता दें कि इससे पहले होली के वक्त भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो गया था. इसके बाद फारुक कॉलेज के स्टॉफ मेंबर और छात्रों के बीच विवाद हो गया था.

लैगिंग पर भी टिप्पणी
जौहर ने छात्रों के लैगिंग पर भी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, छात्राओं को अब और मुफ्ताह नहीं पहनना चाहिए, लेकिन अपने सिर को स्कॉर्फ और शॉल से कवर रखना चाहिए. सीना महिलाओं का अंग होता है, जो पुरुषों को आकर्षित करता है. इस्लाम हमें यह शिक्षा देता है कि हमें इसे कवर रखना चाहिए.

प्रिंसिपल ने ये कहा
फारुक ट्रेनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल जवाहर ने कहा, चूंकि यह बयान कॉलेज के बाहर तीन महीने पहले दिया गया था, इसलिए कॉलेज इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले सकता है. इस बारे में मुझे किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है.