
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत की यात्रा पर गुरुवार की शाम नई दिल्ली पहुंचे. 5 दिसंबर को पुतिन पीएम मोदी के साथ बैठक करेंगे. 23वां भारत-रूस वार्षिक समिट ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका की तरफ से भारत पर दबाव बनाया जा रहा है. यह समिट ट्रेड और एनर्जी पार्टनरशिप पर चर्चा के साथ-साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी फोकस करेगा. पुतिन-मोदी बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है.
इस बैठक में भारत और रूस के बीच ये अहम 10 समझौते हो सकते हैं.
S-500 की डील- जब रूस के पुतिन और भारत के मोदी बातचीत के लिए बैठेंगे तो संभव है कि रूसी राष्ट्रपति से डिफेंस कोऑपरेशन पर खास बात हो. इस बैठक में रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के एडवांस वर्जन की खरीद पर बात हो सकती है.
Su-57 जेट डील- रूस लंबे समय से भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ जेट Su-57 खरीदने का ऑफर दे रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरे पर रूस भारत को Su-57 का निर्माण भारत में करने और टेक ट्रांसफर देने की पेशकश कर सकता है.
S-400 की नई खेप- भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के 5 रेजिमेंट की डील हुई थी. इसमें से 3 भारत को मिल चुके हैं और 2 बाकी हैं. बाकी के 2 रेजिमेंट्स की डिलीवरी जल्द से जल्द सुनिश्चित हो सकती है.
रूसी तेल की खरीद पर बात- भारत और रूस कच्चे तेल की खरीद के नए रास्ते खोज सकते हैं. रूसी तेल की खरीद से ही भड़के ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. इस मुद्दे पर भारत और रूस के बीच नए सिरे से बात हो सकती है.
न्यूक्लियर डील- भारत रूस की मदद से देश में नए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर लगाना चाहता है जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इसे लेकर भी दोनों देशों के बीच बात संभव है.
निर्यात बढ़ाने पर बात- डिफेंस डील के अलावा भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को लेकर भी अहम समझौता हो सकता है. दोनों देशों के बीच व्यापार साल 2030 तक 100 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना है.
भारत-रूस लेबर पैक्ट- भारत और रूस के बीच कामगारों को लेकर भी अहम समझौता होने की उम्मीद है. यूक्रेन के साथ जंग में उलझे रूस को कुशल कामगारों की जरूरत है. एक अनुमान के मुताबिक भारत के 1 लाख से ज्यादा कामगारों को रूस में नौकरी मिल सकती है.
स्थानीय मुद्रा में व्यापार: भारत और रूस अपनी स्थानीय मुद्रा में व्यापार करने के लिए अहम समझौते कर सकते हैं. दोनों देशों के बीच पहले से ही ये काम हो रहा है. इससे अमेरिकी प्रतिबंधों का असर कम होगा.
रूसी हथियारों का भारत में निर्माण- रूस के सुखोई-30 एमकेआई और टी-90 टैंक जैसे हथियारों का निर्माण भारत में होता है. संभव है कि पुतिन के दौरे के बाद कई अन्य रूसी हथियारों का निर्माण भी भारत में शुरू हो.
डिफेंस लाजिस्टिक समझौता- भारत और रूस के बीच एक दूसरे की सैन्य सुविधाओं जैसे बंगरगाह और मरम्मत इकाइयों के इस्तेमाल का समझौता भी हो सकता है. भारत का पहले से ही कई देशों के साथ ये अहम समझौता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.