नई दिल्ली: भारत की यात्रा पर आए जार्डन के शाह अब्दुल्ला (द्वितीय) बिन अल-हुसैन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गुरुवार को मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की. जार्डन के शाह अब्दुल्ला तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आए हुए हैं. राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति और पीएम नरेंद्र मोदी ने शाह अब्दुल्ला की अगवानी की जहां उन्हें सलामी गारद पेश किया गया. Also Read - Independence Day 2020: बॉलीवुड की वो 5 देशभक्ति फिल्में, जिन्हें देखते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं

Also Read - Independence Day 2020 Speech: स्वतंत्रता दिवस पर स्पीच देते समय ध्यान रखें ये बातें, हर कोई हो जाएगा आपसे इंप्रेस

जार्डन के शाह अब्दुल्ला ने भारत को ‘दोस्त’ बताया और कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में इस तरह की और अधिक यात्राएं हों. इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शाह अब्दुल्ला से भेंट की थी और दोनों के बीच कारोबार, निवेश, सुरक्षा, पयर्टन एवं लोगों से लोगों के बीच सम्पर्क समेत अनेक विषयों पर व्यापक चर्चा हुई थी. Also Read - First Independence Day celebrations In India: भारत ने ऐसे मनाया था अपना पहला स्वतंत्रता दिवस, देखें तस्वीरें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा था कि जार्डन और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध और मजबूत हुए. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शाह अब्दुल्ला से भेंट की. दोनों नेताओं के बीच कारोबार, निवेश, रक्षा एवं प्रतिरक्षा, पर्यटन एवं लोगों से लोगों के बीच सम्पर्क समेत सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध एक दूसरे के प्रति शुभेच्छा और गर्मजोशी से भरे हैं.

उल्लेखनीय है कि जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला (द्वितीय) बिन अल हुसैन भारत की तीन दिन की यात्रा पर मंगलवार 27 फरवरी को यहां पहुंचे जहां उनकी भव्य आगवानी की गयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हवाईअड्डे पर उनके स्वागत के लिए प्रोटोकोल तोड़कर खुद पहुंचे थे. करीब तीन सप्ताह पहले ही प्रधानमंत्री ने फलस्तीन समेत पश्चिम एशिया की अपनी यात्रा के तहत जॉर्डन का दौरा किया था.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करके कहा था, ‘शाह अब्दुल्ला द्वितीय के दिल्ली आगमन पर उनका स्वागत है. इस महीने की शुरूआत में अम्मान में मेरे संक्षिप्त दौरे के बाद फिर से उनसे मुलाकात सुखद है. भारत की उनकी यात्रा हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करेगी. मैं गुरूवार को हमारी बातचीत को लेकर आशान्वित हूं.’ प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला गुरुवार को व्यापक बातचीत करेंगे. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बातचीत में फलस्तीन के मुद्दे के साथ ही आतंकवाद, चरमपंथ और उग्रवाद से निपटने के तरीकों पर प्रमुखता से चर्चा हो सकती है.

भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी बयान में बताया गया है कि, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला (द्वितीय) एक मार्च को ‘इस्लामिक हेरीटेज एंड प्रमोटिंग अंडरस्टैंडिंग एंड मॉडरेशन’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में शिरकत करेंगे और व्याख्यान देंगे. दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय आपसी हितों और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा होगी. शाह अब्दुल्ला के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में अतिथि भोज का भी आयोजन किया जाएगा.

भारत और जॉर्डन के बीच द्विपक्षीय सहमति के आधार पर कई समझौतों के ज्ञापन पत्रों पर हस्ताक्षर होंगे. दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, संस्कृति, सीमा शुल्क में परस्पर सहयोग, जनसंचार एवं मीडिया और विरासत स्थलों के बारे में कई समझौते हो सकते हैं. जॉर्डन उर्वरक और फॉस्फेट की आपूर्ति कर भारत के खाद्य सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है.