नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश से लापता हुए पांच युवकों को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) शनिवार को भारतीय अधिकारियों को सौंप सकती है. पीएलए ने मंगलवार को कहा था कि चार सितंबर को अपर सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा से लापता हुए पांच युवक उन्हें सीमापार मिले थे. Also Read - राजनाथ सिंह का बयान- चीन ने भारत के इतने भू-भाग पर किया है कब्जा, समझौते का लगातार कर रहा उल्लंघन

रिजिजू ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “चीन की पीएलए ने भारतीय सेना से इस बात की पुष्टि की है कि वह अरुणाचल प्रदेश के युवकों को हमें सौंप देंगे. उन्हें कल 12 सितंबर को किसी भी समय एक निर्दिष्ट स्थान पर सौंपा जा सकता है.” रिजिजू ने ही पहली बार इसकी सूचना दी थी कि पीएलए ने इस बात की पुष्टि की थी कि युवक सीमा पार चीन में पाए गए हैं. Also Read - अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी Coronavirus से हुए संक्रमित, संपर्क में आए लोगों से की यह अपील

यह घटना तब सामने आई थी जब एक समूह के दो सदस्य जंगल में शिकार के लिए गए थे और लौटने पर उन्होंने उक्त पांच युवकों के परिवार वालों को जानकारी दी थी कि युवकों को सेना के गश्ती क्षेत्र सेरा-7 से चीनी सैनिक ले गए हैं. यह स्थान नाचो से 12 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.

मैकमोहन रेखा पर स्थित नाचो अंतिम प्रशासनिक क्षेत्र है और यह दापोरीजो जिला मुख्यालय से 120 किलोमीटर दूर है. चीनी सेना द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए युवकों की पहचान तोच सिंगकम, प्रसात रिंगलिंग, डोंगतु एबिया, तनु बाकर और नगरु दिरी के रूप में की गई है.

(इनपुट भाषा)