Kisan Andolan: केंद्र सरकार और किसानों को लेकर 11वें दौर की बातचीत में भी कोई नतीजा नहीं निकल सका. किसान कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हैं. वहीं, इस बार सरकार ने साफ़ कहा कि कृषि कानूनों में कमी नहीं है. अगर किसानों के पास बेहतर प्रपोज़ल है तो लेकर आएं. बता दें कि अब तक केंद्र सरकार ये कहती रही है कि वह किसानों के सुझाव पर कृषि कानून में संशोधन करने को तैयार है, लेकिन अब केंद्र सरकार ने कृषि कानून को बेहतरीन बताया है.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

इस बीच मीटिंग से लंच के बाद बाहर आये किसानों ने कहा कि वह बातचीत के लिए केंद्र सरकार (Union Government) के मंत्रियों का इंतज़ार करते रहे, लेकिन मंत्री वापस ही नहीं आये. इसलिए वह भी बाहर आ गये. किसानों ने कहा कि वह अपनी मांग पर डटे हैं. कृषि कानून वापस ही होने चाहिए. सरकार का रवैया ठीक नहीं है. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

ये भी बताया जा रहा है कि किसान और केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ केंद्र सरकार के प्रतिनिधि तीन चार घंटे तक विज्ञान भवन में रहे, लेकिन इनके बीच सिर्फ 15-20 मिनट ही बातचीत हुई. किसानों और सरकार के बीच आमने-सामने बातचीत बेहद कम हुई. कहा जा सकता है कि दोनों के बीच कुछ ख़ास कम्युनिकेशन नहीं हुआ. Also Read - कुछ लोग नमाज को शक्ति प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए : मनोहर लाल खट्टर