Farmers Protest: बीते दो महीनों से नए कृषि कानूनों (Farms Law 2020) के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के दौरान हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने आंदोलन खत्म कर दिया. ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन समिति के वीएम सिंह (VM Singh) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया. इसके कुछ समय बाद ही भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने भी आंदोलन को खत्म कर दिया.Also Read - मध्य प्रदेश में हर दिन लापता हुईं 24 लड़कियां, 2021 में किस राज्य में कितने बच्चे हुए लापता, जानें

वीएम सिंह कहा कि किसान आंदोलन से भारतीय किसान मजदूर संगठन अलग हो रहा है और हमारा आंदलोन यहीं खत्म हो रहा है. Also Read - चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के हज़ारों डेयरी किसानों ने हड़ताल शुरू की, दूध की सप्लाई प्रभावित

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वीएम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध-प्रदर्शन को आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और हो. इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है. बता दें कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा के मामले में वीएम सिंह पर भी एफआईआर दर्ज हुई है.

किसान नेता वीएम सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों को पिटवाने के लिए यहां नहीं आए हैं. हम देश को बदनाम करना नहीं चाहते हैं. वीएम सिंह ने कहा कि टिकैत ने एक भी मीटिंग में गन्ना किसानों की मांग नहीं उठाई. वीएम सिंह ने कहा कि सरकार की भी गलती है, जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी. जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी.

उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है. उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया वो भी गलत हैं. ITO में एक साथी शहीद भी हो गया. जो लेकर गया या, जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए.