Kisan Andolan: गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) पर ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली के बॉर्डरों पर जुटे किसानों को हटाने की कवायद तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने धरनास्थल को खाली करवाने का आदेश दिया है. इसके बाद गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM Ghaziabad) ने किसानों को गाजीपुर से हटने का अल्टीमेटम जारी कर दिया.Also Read - UP Polls 2022: गोरखपुर से Yogi Adityanath के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं डॉक्टर Kafeel Khan

गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई है. गाजीपुर बॉर्डर पर यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस और RAF के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं. पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है. Also Read - RPN Singh Joins BJP: कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ घंटों के बाद BJP में शामिल हुए RPN सिंह

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यहां पर सिर्फ और सिर्फ सुरक्षाबलों का पहरा नजर आ रहा है. पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं, गाजीपुर बॉर्डर को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि गाजीपुर बॉर्डर बंद है.

कृषि कानून वापस नहीं लिया गया तो आत्महत्या कर लूंगा: राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मेरे किसानों को मारने की कोशिश की जा रही है. मैं यहां से खाली नहीं करूंगा. ये वैचारिक लड़ाई है. किसानों के साथ अत्‍याचार किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि अगर कानून वापस नहीं हुआ तो मैं आत्‍महत्‍या कर लूंगा. भावुक होकर रोते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसान को मारने की कोशिश की जा रही है. मैं किसानों को बर्बाद नहीं होने दूंगा. उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

मुजफ्फरनगर में कल महापंचायत
राकेश टिकैत पुलिस प्रशासन पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए रो पड़े. जिसे लेकर मुजफ्फरनगर में उनके समर्थकों में नाराजगी है. उनके बड़े भाई नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में महापंचायत बुलाई है. किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थक बड़ी संख्या में सिसौली गांव स्थित उनके घर पहुंच गए हैं.

ट्रैफिक का क्या है हाल?
ट्रैफिक को NH-24, NH-9, रोड नंबर-56, 57 ए, कोंडली, पेपर मार्केट, टेल्को टी पॉइंट, ईडीएम मॉल, अक्षरधाम और निजामुद्दीन खट्टा से डायवर्ट किया गया है. इस इलाके में और विकास मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक है, लोग कृपया वैकल्पिक मार्ग लें.

2 और संगठनों ने खत्म किया धरना
भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) और बीकेयू (एकता) के सदस्यों ने गुरुवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के बाद अपना धरना खत्म कर दिया. बीकेयू (लोक शक्ति) के एसएस भाटी ने कहा कि लाल किले की घटना से हम भी आहत हैं. सरकार ने हमें आश्वासन दिया है कि वे किसानों के साथ बातचीत जारी रखेगी.

पुलिस के नोटिसों से डरेंगे नहीं: संयुक्त किसान मोर्चा
संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को कहा कि वह दिल्ली पुलिस द्वारा उसके नेताओं को भेजे गए नोटिसों से डरेंगे नहीं. साथ ही मोर्चा ने आरोप लगाया कि सरकार 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के लिए उसे दोषी ठहराकर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को खत्म करने का प्रयास कर रही है. संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विभिन्न किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं.

किसानों को धमाकाया जा रहा है, हम उनके साथ खड़े हैं: कांग्रेस
कांग्रेस ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा को लेकर कई किसान नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज होने और गाजीपुर बॉर्डर पर गतिरोध की पृष्ठभूमि में गुरुवार को आरोप लगाया कि किसानों को तोड़ने और धमकाने की कोशिश की जा रही है.

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अब एक पक्ष चुनने का समय है और वह किसानों एवं उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ खड़े हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक साइड चुनने का समय है. मेरा फ़ैसला साफ़ है. मैं लोकतंत्र के साथ हूं, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं.’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोप लगाया कि किसानों को धमकाया जा रहा है और जो लोग अन्नदाताओं को तोड़ना चाहते हैं वे देशद्रोही हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को ख़त्म करने की कोशिश की गई. आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है. यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है.’

(इनपुट: एजेंसी)