Kisan Andolan: केंद्र सरकार ने MSP से संबंधित मसले पर बात करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से पांच प्रतिनिधियों के नाम मांगे हैं. किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि 5 नामों को लेकर हमारे एक साथी के पास एक फोन आया था, सरकार ने एमएसपी से संबंधित मसले पर बात करने के लिए पांच प्रतिनिधियों के नाम मांगे हैं. हालांकि दर्शन पाल ने सरकार के काम करने के तरीके पर भी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सरकार का काम करने के तरीका बेहद गलत है. अगर सरकार को 5 नाम चाहिए तो SKM को आधिकारिक पत्र लिख नाम मांगने चाहिए. पता नहीं सरकार ऐसा क्यों नहीं करती है? अभी हमारे पास एक फोन और भी आया है कि हरियाणा के किसानों के ऊपर से मुकदमे हटाए जाएंगे. इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई है. उन्होंने आगे बताया कि हम 5 लोगों के नामों को लेकर 4 दिसंबर को फैसला लेंगे. बुधवार को होने वाली बैठक में इसपर फैसला नहीं करेंगे.Also Read - UP Election 2022: आरएलडी और सपा को समर्थन देगी भारतीय किसान यूनियन, नरेश टिकैत ने की घोषणा

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से पंजाब के एक संगठन के पास 5 मांगो को लेकर फोन आया. वहीं अधिकतर किसान नेताओं को फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है. दरअसल तीनों कानून वापसी के बाद किसान अब मांग कर रहें हैं कि, सरकार एमएसपी गारंटी का कानून बनाए, किसानों पर दर्ज केस वापस ले, जिन किसानों की आंदोलन के दौरान मौत हुई है उन्हें मुआवजा दिया जाए. इसके अलावा लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के पिता और गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग को लेकर भी किसानों ने सरकार से कहा है. Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों को प्रदर्शन करते हुए एक साल हो चुका है. वहीं किसानों ने अब तक आंदोलन वापस नहीं लिया है. किसान अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग पर अड़े हुए हैं. सरकार किसान संगठनों के साथ MSP को लेकर जल्द चर्चा करेगी. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

(इनपुट: IANS)