Kisan Andolan: कृषि कानूनों (Farms Law) के खिलाफ बीते 1 महीने से किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) जारी है. किसान और सरकार के बीच सोमवार दोपहर अगले दौर की बातचीत होगी. इससे पहले किसानों ने एक बार फिर कहा है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिये जाने तक प्रदर्शन जारी रहेगा. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) रविवार को गुरुग्राम में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के धरना स्थल पर पहुंचे.Also Read - राकेश टिकैत ने कहा- लोकसभा में कृषि कानून वापस होना 750 मृत किसानों को श्रद्धांजलि, MSP के लिए डटे रहेंगे

उन्होंने धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती. टिकैत ने आरोप लगाया कि नए कृषि कानून सिर्फ पूंजीपतियों के फायदे के लिए बनाए गए हैं. इन कानूनों से किसानों का भारी नुकसान होने वाला है. उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे और इन कानूनों का विरोध करते रहेंगे. Also Read - लोकसभा के बाद सोमवार को ही राज्यसभा में पेश हो सकता है कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक, BJP ने अपने सांसदों को 'पूरी तैयारी' से आने को कहा

उन्होंने कहा कि जल्द ही राजस्थान के किसान भी दिल्ली की सीमा पर पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा, गुरुग्राम को उन्हें हरसंभव मदद करनी चाहिए. संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह ने आश्वासन दिया कि राजस्थान से आने वाले सभी किसानों को हर संभव मदद दी जाएगी. Also Read - किसानों के खिलाफ मामले वापस लेगी हरियाणा सरकार? सीएम खट्टर बोले- केंद्र के निर्देशानुसार काम करेंगे

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को तीन कृषि कानूनों को खत्म करना चाहिए. एक संयुक्त बयान में, संतोख सिंह ने कहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद, कई श्रमिक संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता भी किसानों की मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए उनका समर्थन तीन कृषि कानूनों के वापस लिए जाने तक जारी रहेगा.

(इनपुट: IANS)