Kisan Andolan: कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) में हिंसा और गोली चलाकर ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) रोकने की योजना बना रहे एक संदिग्ध से अब पुलिस पूछताछ कर रही है. इस शख्स को किसानों ने सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर शुक्रवार की रात रेकी करते हुए पकड़ा था. दावा है कि ये शख्स चार किसान नेताओं की हत्या करने और 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के दौरान अशांति पैदा करने की साजिश रचने के बाद आंदोलन स्थल की रेकी करने आया था. इस देर रात किसान इस शख्स को मीडिया के सामने लाये. इसके बाद अब इसे पुलिस को सौंप दिया गया है. हरियाणा पुलिस सोनीपत (Haryana Police) में पूछताछ कर रही है.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

सोनीपत के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति करीब 21 साल का बताया जा रहा है और उससे राज्य पुलिस की अपराध शाखा पूछताछ कर रही है. उन्होंने बताया कि व्यक्ति सोनीपत में रह रहा था और उसका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है. अधिकारी ने बताया, ‘‘उसके पास कोई हथियार या अन्य विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है. हम उससे पूछताछ कर रहे हैं लेकिन जिस तरह के आरोप लगे हैं, उस संबंध में अभी तक कुछ ऐसा नहीं मिला है जो किसी भी तरह की साजिश की ओर इशारा करता हो.’’ उन्होंने बताया कि आगे की जांच की जा रही है. Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

सिंघू बॉर्डर पर शुक्रवार देर रात संवाददाता सम्मेलन के दौरान किसान नेताओं ने एक व्यक्ति को पेश किया, जिसने दावा किया कि उसके साथियों को राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर भीड़ पर लाठीचार्ज करने और गोली चलाने को कहा गया था. किसान नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल से इस व्यक्ति को पकड़ा है. इसके बाद उसे हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने आरोप लगाया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को बाधित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. किसानों ने जिस व्यक्ति को पकड़ने का दावा किया उसका चेहरा नकाब से ढका था. उसने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि मीडिया में जाना पहचाना चेहरा बन चुके चार किसान नेताओं को मारने की साजिश रची गई उसने कहा, ‘ 26 जनवरी को दिल्ली पुलिस के कर्मियों पर गोली चलाकर अशांति पैदा करने की साजिश रची गई ताकि इसकी वजह से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करती.’ नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे जिनमें से अधिकतर पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं.

किसान संगठनों का आरोप है कि नए कृषि कानूनों से मंडी और एमएसपी (MSP) खरीद की व्यवस्था समाप्त हो जाएंगी तथा किसान बड़े कॉरपोरेट घरानों की दया पर निर्भर हो जाएंगे. उच्चतम अदालत ने 11 जनवरी को तीनों नए कृषि कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी और गतिरोध को दूर करने के मकसद से चार-सदस्यीय एक समिति का गठन किया था. फिलहाल, इस समिति में तीन ही सदस्य हैं क्योंकि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को इस समिति से अलग कर लिया था.