बीते दो महीनों से नए कृषि कानूनों (Farms Law 2020) के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के दिन ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के दौरान हुई हिंसा के बाद किसानों ने 1 फरवरी यानी बजट के दिन अपनी संसद मार्च की योजना रद्द कर दी.Also Read - Republic Day Parade के लिए गाइडलाइंस जारी, शामिल होने के लिए यह सर्टिफिकेट जरूरी; 15 साल तक के बच्चों को नो एंट्री

भारतीय किसान यूनियर (R) के बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि शहीद दिवस पर हम किसानों के आंदोलन की ओर से पूरे भारत में सार्वजनिक रैलियां करेंगे. हम एक दिन का उपवास भी रखेंगे. राजेवाल ने कहा कि मंगलवार कि हिंसा के कारण हमारा एक फरवरी को संसद मार्च स्थगित हो गया है. Also Read - JNU कैम्‍पस में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला: Delhi पुलिस ने 1000 CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर खोज निकाला आरोपी

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इससे पहले ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के दौरान हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया. ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन समिति के वीएम सिंह (VM Singh) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया. इसके कुछ समय बाद ही भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने भी आंदोलन को खत्म कर दिया.

वीएम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध-प्रदर्शन को आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और हो. इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है.

किसान नेता वीएम सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों को पिटवाने के लिए यहां नहीं आए हैं. हम देश को बदनाम करना नहीं चाहते हैं. वीएम सिंह ने कहा कि टिकैत ने एक भी मीटिंग में गन्ना किसानों की मांग नहीं उठाई.