Kisan Andolan Singhu Border: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली-हरियाणा की सिंघु सीमा पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. दरअसल स्थानीय लोग इलाके को प्रदर्शनकारियों से खाली करवाना चाहते थे. झड़प में दिल्ली पुलिस का एक एसएचओ घायल हो गया.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

स्थानीय लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और दो महीने से अधिक समय से स्थल पर मौजूद आंदोलनकारियों को जगह खाली करने के लिए कहने लगे. दोनों पक्षों में तीखी बहस के बाद, स्थानीय लोगों ने किसानों के तंबू पर हमला करना शुरू कर दिया. इसके बाद दोनों समूहों के बीच पथराव हुआ. Also Read - UP Election 2022: आरएलडी और सपा को समर्थन देगी भारतीय किसान यूनियन, नरेश टिकैत ने की घोषणा

स्थानीय लोग मांग कर रहे थे कि किसान सिंघू सीमा पर प्रदर्शन स्थल को खाली करें क्योंकि उनके मुताबिक गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

दिल्ली पुलिस और सिंघु सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियोंको प्रदर्शन स्थल पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. अलीपुर पुलिस स्टेशन हाउस ऑफिसर सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आंदोलनकारी किसानों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प के दौरान दिल्ली पुलिस के एक थाना प्रभारी (एसएचओ) घायल हुए हैं.