Kisan Andolan Latest Updates: केंद्र के नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर रहे किसानों के प्रस्ताव का जवाब देते हुए सरकार ने कहा है कि वह किसानों से इस मुद्दे पर 30 दिसंबर को बातचीत करने के लिए तैयार है. इससे पहले किसानों ने सरकार को 29 दिसंबर को बातचीत का प्रस्ताव भेजा था. बता दें कि कृषि कानून के मसले पर दिल्ली की सीमाओं पर पिछले एक महीने से ज्याद समय से किसानों द्वारा प्रदर्शन जारी है. Also Read - Farmers Protest: किसानों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, अगली मीटिंग 19 जनवरी को

ऐसे में किसान नेताओं की तरफ से कहा गया था कि, “हम सरकार के साथ बातचीत करने के तैयार हैं, वहीं किसानों के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के बीच अगली बैठक 29 दिसंबर 2020 को सुबह 11 बजे आयोजित की जाय.” Also Read - Kisan Andolan: किसानों और सरकार के बीच वार्ता जारी, कृषि मंत्री ने अन्नदाताओं से की अपने रुख को नरम करने की अपील

अब सरकार ने किसानों के इस प्रस्ताव का जवाब देते हुए 30 दिसंबर को बातचीत करने का फैसला किया है. कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने किसानों को पत्र लिखकर कहा है कि अगले दौर की वार्ता 30 दिसंबर को दोपहर 2 बजे विज्ञान भवन में आयोजित की जाएगी. Also Read - Farmers Protest: बैठक में बोले केंद्रीय मंत्री- हमने मानी किसानों की बात, लेकिन किसान नहीं...

वार्ता बहाल करने के लिए किसान संगठनों के प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए अग्रवाल ने कहा, ‘‘सरकार एक स्पष्ट इरादे और खुले मन से सभी प्रासंगिक मुद्दों का एक तार्किक समाधान निकालने के लिए भी प्रतिबद्ध है.’’

इससे पहले 26 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से किसान नेताओं ने लिखा था कि, “सरकार किसानों की सुविधा के समय और किसानों द्वारा चुने मुद्दों पर वार्ता करने को तैयार हैं, इसलिए हम संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सभी संगठनों से बातचीत कर निम्नलिखित प्रस्ताव रख रहे हैं और हमारा प्रस्ताव है कि किसानों के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के बीच अगली बैठक 29 दिसंबर 2020 को सुबह 11 बजे आयोजित की जाय.”

इसके जवाब में सरकार ने किसानों को लिखा है कि वह किसानों के गिए प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए तैयार. दरअसल किसानों द्वारा बैठक का एजेंडा भी तय कर लिया गया था. इस एजेंडे के अनुसार 4 बिंदुओं को किसानों ने रखा है जिसमें पहला, तीनों कृषि कानूनों को रद्द/निरस्त करने के लिए अपनाए जाने वाली क्रियाविधि. वहीं दूसरा सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान हों.

तीसरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020 में ऐसे संशोधन जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए जरूरी हैं. चौथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए ‘विद्युत संशोधन विधेयक 2020’ के मसौदे में जरूरी बदलाव.