Farmers Protest Latest Updates: नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसानों ने अब दिल्ली को जाम करने का ऐलान कर दिया है. नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन (Farmers Protest Updates) कर रहे किसान संगठनों ने बुराड़ी स्थित निरंकारी मैदान में जाने के बाद बातचीत शुरू करने के केंद्र सराकार के प्रस्ताव को नकार दिया और कहा कि वे सशर्त बातचीत को तैयार नहीं हैं. किसानों के संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले सभी मार्गों (Kisan Andolan Delhi) को बंद कर देंगे. किसानों ने दावा किया कि बुराड़ी मैदान एक ‘खुली जेल’ है.Also Read - पंजाब में नाराज किसान फिर धरने पर बैठे, सीएम भगवंत मान ने कहा-मैं भी किसान का बेटा, आपकी परेशानी समझ सकता हूं

Farmers Protest Live Updates:

– किसानों के प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मिले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर. Also Read - पंजाब में 23 किसान संगठनों का मार्च, मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरने पर बैठे | Watch Video

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–  टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान गुरु नानक जयंती के मौके पर सुरक्षाकर्मियों को प्रसाद बांटते किसान.

–  टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान गुरु नानक जयंती पर प्रार्थना करते किसान…

–  किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर सुरक्षा और कड़ी की गई. पुलिस ने बड़े-बड़े बोल्डर लगाकर ब्लॉक किया.

–  टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर आवाजाही पूरी तरह से बंद: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस

– नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसान.

BJP की उच्च स्तरीय बैठक
उधर, किसानों के आंदोलन को सुलझाने के लिए BJP संगठन और सरकार की ओर से कोशिशें तेज हो गई हैं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बीती रात अहम बैठक हुई है. उच्च स्तरीय बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए. रिपोर्ट्स के अनुसार, किसानों के आंदोलन को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए सरकार सोमवार यानी आज फिर नए सिरे से पहल कर सकती है.

‘मन की बात’ में PM ने की अपील
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘भारत में खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे हैं. बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं.’ उन्होंने कहा, ‘किसानों की वर्षों से कुछ मांगें थीं और उन्हें पूरा करने के लिए हर राजनीतिक दल ने कभी न कभी वादा किया था, लेकिन वे कभी पूरी नहीं हुईं. संसद ने काफी विचार-विमर्श के बाद कृषि सुधारों को कानूनी स्वरूप दिया. इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए हैं, बल्कि उन्हें नए अधिकार और अवसर भी मिले हैं.’

क्या है किसानों की मांग
किसान केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. किसान नेताओं ने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांग नहीं मानेगी, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा और आगे वे दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी सड़कों को जाम करेंगे.