Kisan Andolan: तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर किसानों को गुमराह करने के लिए विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मंगलवार को किसानों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को गुजरात के धोरडो शहर में कच्छ क्षेत्र में परियोजनाओं के वर्चुअल समारोह के दौरान यह बात कही. Also Read - COVID-19 Vaccination Drive: वैक्सीन का इंतजार हुआ खत्म, दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए देश तैयार

मोदी ने कहा, ‘वर्तमान कृषि कानून लंबे समय से किसानों की मांग थी. जो लोग आज विपक्ष में हैं, जब वे सत्ता में थे तो इन विधेयकों का समर्थन कर रहे थे, लेकिन वे कभी भी उन पर फैसला नहीं ले सके और उन्होंने झूठे आश्वासनों के साथ किसानों को शांत किया. मैं एक बार फिर अपने किसान भाइयों से कहता हूं कि किसानों की हर एक शंका के लिए, मेरी सरकार आपके साथ खड़ी रहेगी. किसानों का हित मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है.’ Also Read - Farmers Protest: किसानों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, अगली मीटिंग 19 जनवरी को

मोदी ने कहा, ‘यह मेरी सरकार की मंशा और ईमानदार प्रयास है कि किसानों की कृषि उत्पादन लागत में कमी लाई जाए, उन्हें बेहतर विकल्प मुहैया कराया जाए, उनकी आय में वृद्धि की जाए और उनकी कठिनाइयों को कम किया जाए.’ मोदी ने इस बात पर भी विश्वास जताया कि किसान उनके सामने लाई गई तमाम गलतफहमी को खारिज कर देंगे. Also Read - Kisan Andolan: किसानों और सरकार के बीच वार्ता जारी, कृषि मंत्री ने अन्नदाताओं से की अपने रुख को नरम करने की अपील

उन्होंने कहा कि किसानों को आजादी दिलाना उनकी सरकार की मंशा है, डेयरी क्षेत्र द्वारा अनुभव की गई आजादी जो कृषि से जुड़ी है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डेयरी और मत्स्य पालन देश में तेजी से बढ़ रहे दो क्षेत्र हैं, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं. इन क्षेत्रों में सरकार का हस्तक्षेप कम से कम है. अंजार डेयरी इसका सबसे अच्छा उदाहरण है. जब हमने इसे कच्छ में शुरू किया, तो सभी की ओर से बहुत कम उम्मीद व्यक्त की गई थी, लेकिन मैं इसे आजमाने के लिए दृढ़ था. अब देखिए कि डेयरी क्षेत्र कैसे विकसित हुआ है. पहले दूध को प्रोसेसिंग के लिए गांधीनगर भेजा जाता था, लेकिन अब यहां दूध का प्रसंस्करण किया जाता है और अब डेयरी की क्षमता में दो लाख लीटर की वृद्धि होगी. इस नए संयंत्र के माध्यम से दुग्ध उत्पादों के लिए मूल्यवर्धन भी संभव होगा.’

मोदी ने कहा, ’25 प्रतिशत कृषि आय डेयरी उद्योग से आई है और जो लोग डेयरी क्षेत्र से लाभ उठा रहे हैं, वे छोटे किसान हैं. डेयरी क्षेत्र में निजी और सहकारी दिग्गज सरकार के न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ व्यापार में अधिकतम भूमिका निभाते हैं. यही बात बागवानी क्षेत्र पर भी लागू होती है.’

मोदी ने कहा, ‘देश में कुल दूध उत्पादन का मूल्य खाद्यान्नों और दाल दोनों की तुलना में अधिक है. डेयरी क्षेत्र सरकारी बाधाओं से मुक्त है, इसलिए किसानों को खाद्यान्न और दालों को उगाने के लिए यह स्वतंत्रता क्यों नहीं दी जानी चाहिए? और यही वह स्वतंत्रता है, जिसके लिए हमारी सरकार प्रयास कर रही है.

मोदी मंगलवार को अपने गृह राज्य गुजरात के दौरे पर हैं, ताकि दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय सौर और पवन ऊर्जा पार्क का उद्घाटन किया जा सके. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, ऊर्जा राज्य मंत्री सौरभ पटेल और गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा भी टेंट सिटी में मौजूद रहे.

(इनपुट: IANS)