Kisan Andolan: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने नए कृषि कानूनों (Farms Laws) पर चल रहे विरोध के बीच जोर दिया कि कृषि क्षेत्र ‘मातृ क्षेत्र’ है और इसके खिलाफ कोई भी प्रतिगामी कदम उठाने का सवाल ही नहीं उठता. उद्योग चैंबर ‘फिक्की’ की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में हाल में किसानों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखकर सुधार किये गए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा ‘चर्चा एवं वार्ता’ के लिए तैयार है. Also Read - सरकार और किसानों की आज होने वाली बैठक टली, अब 20 जनवरी को होगी अगली मीटिंग

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘हमारे कृषि क्षेत्र के खिलाफ कभी कोई प्रतिगामी कदम उठाने का सवाल ही नहीं उठता. हाल के सुधारों को भारतीय किसानों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखकर किया गया है.’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि, हम अपने किसान भाइयों की बात सुनने के हमेशा इच्छुक हैं, उनके भ्रम दूर करने का हर वह आश्वासन देने को तैयार हैं, जोकि हम दे सकते हैं. हमारी सरकार हमेशा वार्ता एवं चर्चा के लिए तैयार है.’

राजनाथ सिंह ने कहा कि कृषि एक ऐसा क्षेत्र है, जो कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के प्रतिकूल प्रभावों से बचने में सक्षम रहा. उन्होंने कहा, ‘हमारी फसलें और उनकी खरीद प्रचुर मात्रा में है और हमारे गोदाम भरे हुए हैं.’ उल्लेखनीय है कि नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

(इनपुट: भाषा)